पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी को दोहरे अंकों में पहुंचाने का आह्वान किया है, साथ ही 10 फीसदी से ज्यादा की जीडीपी दर हासिल करने के प्रयास करने होंगे।
नर्इ दिल्ली। देश के पीएम नरेंद्र मोदी देश की अर्थव्यवस्था को लेकर अब खुलकर बात करने लगे हैं। उनका मानना है कि देश की जीडीपी को बढ़ाना होगा आैर अर्थव्यवस्था को 5000 अरब डाॅलर के क्लब में शामिल करना होगा। साथ अब हमें इ बात पर भी जोर देना होगा कि किस तरह से देश की अर्थव्यवस्था को डबल डिजिट पर पहुंचाया जा सके। यह बातें पीएम मोदी ने वाणिज्य मंत्रालय के कार्यक्रम के दौरान कहीं। आइए आपको भी बताते हैं कि उन्होंने इस दौरान आैर क्या-क्या कहा…
देश की बनाना है 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था
पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी को दोहरे अंकों में पहुंचाने का आह्वान किया है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमें 10 फीसदी से ज्यादा की जीडीपी दर हासिल करने के प्रयास करने होंगे ताकि दुनिया की 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्थाओं के क्लब में भारत भी शामिल हो सके। यही नहीं पीएम मोदी ने कहा कि भारत को दुनिया के कारोबार में अपनी हिस्सेदारी को दोगुना करते हुए उसे 3.4 फीसदी तक के स्तर पर ले जाना होगा।
दोहरे अंक में ले जानी इकोनाॅमी
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने बीते 4 साल में ईज ऑफ डूइंग बिजनस की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। इसके साथ ही चालू खाता घाटे को भी नियंत्रण में रखा गया है। उन्होंने कहा कि 2017-18 की आखिरी तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 7.7 फीसदी थी। लेकिन अब वह वक्त आ गया है, जब हमें ग्रोथ के मामले में 7 से 8 फीसदी की दर से भी आगे सोचना होगा और दोहरे अंकों में ग्रोथ का अजेंडा तैयार करना होगा।
कम करनी होगी निर्भरता
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया उस वक्त का इंतजार कर रही है, जब भारत अपनी इकॉनमी के आकार को दोगुना करते हुए 5,000 अरब डॉलर की इकॉनमी बन जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दुनिया के कारोबार में भारत की हिस्सेदारी को दोगुना करते हुए 3.4 फीसदी तक ले जाया जा सके। उन्होंने कहा कि तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से यह संभव हो सकेगा।