
नर्इ दिल्ली। अाजादी के बाद से ही देश में दहेज का लेनदेन कानूनी रूप से जुर्म हैं लेकिन आज भी देशभर में धड़ल्ले से दहेज का लेनदेन किया जाता है। हालांकि इसको लेकर भारत में सजा के कर्इ कड़े प्रावधान भी हैं। सरकार आैर सामाजिक संगठन लगातार इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रयास करते रहते हैं। इसी बीच एक एेसी वेबसाइट का खुलासा हुआ है जो ये बताएगी की आपको कितना दहेज मिल सकता है। इस वेबसाइट से जाति, उम्र आैर अपना प्रोफेशन बताकर कोर्इ भी दहेज का रेट निकाल सकता है। हालांकि इसके बारे में जैसे ही पूर्व केन्द्रीय मंत्री आैर गुना से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को पता चला, उन्होंने तुरंत ट्वीटर के जरिए प्रधानमंत्री कार्यालय को इसके बारे में शिकायत की।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने ट्विट कर पीएमआे से की शिकायत
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विट में लिखा कि मुझे इस साइट के बारे में हाल ही में पता चला है। ये शर्मनाक है आैर इसके बारे में जल्द से जल्द से कार्रवार्इ होनी चाहिए। सिंधिया ने अपने ट्विट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भी टैग किया था। ट्विट के दो दिन बाद भी इसको लेकर अभी तक कोर्इ कदम नहीं उठाया गया है। इसके बाद अब लोगों ने ट्वीट कर इसे बंद करने की मांग की है।
आर्इएएस से लेकर बेराेजगार तक का पता चलता है वेतन
इस वेबसाइट में ब्राम्हण, कायस्थ, भूमिहर, बनिया, रेड्डी, नायर, क्षत्रिय जैसे 17 जातियों व समुदाय के अविवाहित युवाओं की दहेज कीमत लगार्इ जा रही है। इस वेबसाइट पर के माध्यम से लोगों को आर्इएएस से लेकर बेराेजगार तक के दहेज का पता चल जाता है। चौकाने वाली बात ये हैं कि यहां बेरोजगारोें को भी 15 लाख दहेज मिलने की दावा किया जा रहा है।