
देश के पिछड़े इलाकों में शिक्षा का अलख जगाने के कार्य में जुटी संस्था 'Educate Girls' ने बुधवार को शिक्षा के क्षेत्र में अपने डेवलपमेंट इंपैक्ट बांड (डीआईबी) के परिणामों की घोषणा की। संस्था ने बताया कि 2015 में राजस्थान के भीलवाड़ा से अपना सफर शुरू कर आज वह इलाके के 140 गांवों में के 166 स्कूलों में अपने कार्यक्रम का संचालन कर रही है। educate girls की ओर से बुधवार को आयोजित सम्मेलन में कहा गया संस्था की इस पहल से महज तीन साल में 7,000 से अधिक बच्चे लाभान्वित हुए हैं।
संस्था ने कहा कि यह अपने तरह की दुनिया का अनोखा डेवलपमेंट इंपैक्ट बांड है जिसके तहत जुटाए गए फंड से बच्चों के लिए शिक्षा की परियोजनाओं का संचालन किया जाता है। संस्था ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्रथामिक विद्यालयों में लड़कियों का दाखिला करवाने और लड़कियों और लड़कों की अंग्रेजी, हिंदी और गणित में प्रगति की जो रिपोर्ट आई है वह काफी उत्साहवर्धक है।
संस्था ने कहा कि एजुकेट गल्र्स डीआईबी ने दोनों कार्यों में अपने लक्ष्य से ज्यादा प्रगति हासिल की है। मसलन, लड़कियों के दाखिले के मासले में निर्धारित लक्ष्य से 116 फीसदी अधिक कामयाबी मिली है जबकि बच्चों के अधिगम (सीखने) में 160 फीसदी की सफलता मिली है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन आदिल जैनुलभाई की मौजूदगी में डीआईबी के नतीजे घोषित किए गए। परिणामों के आधार पर भुगतान का मॉडल इन्वेस्टमेंट फंड फाउंडेशन अपने निवेशकों को मूल निवेश के साथ-साथ अतिरिक्त रिटर्न एजुकेट गल्र्स के माध्यम से प्रदान करता है। प्रगति का मूल्यांकन स्वतंत्र रूप से आईडी इनसाइट फर्म के द्वारा किया गया।
आदिल जैनुलभाई ने कहा कि एजुकेट गल्र्स ने विभिन्न क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर बदलाव लाकर अपनी परियोजना परिणाम पेश किए हैंं। Educate Girls की संस्थापक और कार्यकारी निदेशक सफीना हुसैन ने कहा, डीआईबी कार्यक्रम के माध्यम से Educate Girls को वित्तीय मदद मिलती है और डीआईबी से हमें एक ऐसा सगठन खड़ा करने में मदद मिलती है जो बच्चों की शिक्षा के कार्यक्रम में योगदान देता है।