Amit Dutta Success Story: आईआईटी में फेल होने वाले अमित दत्ता आज मेटा लंदन में करोड़ों के पैकेज पर काम कर रहे हैं। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट से रिजेक्शन के बाद सफलता की कहानी सोशल मीडिया पर कि शेयर।
Amit Dutta Success Story: देश के लाखों युवाओं के लिए आईआईटी (IIT) में प्रवेश पाना किसी सपने से कम नहीं होता, लेकिन क्या एक परीक्षा में असफलता भविष्य के सारे रास्ते बंद कर देती है? भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमित दत्ता की कहानी इस धारणा को पूरी तरह बदल देती है। कभी आईआईटी के एंट्रेंस एग्जाम में फेल होने वाले अमित आज लंदन में मेटा (Meta) जैसी दिग्गज कंपनी में 1.7 करोड़ रुपये के सालाना पैकेज पर काम कर रहे हैं। उनकी यह कामयाबी उन एस्पिरेंट्स के लिए बड़ी मिसाल है जो असफलताओं से निराश होकर हार मान लेते हैं।
अमित दत्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि साल 2018 में वे आईआईटी की प्रवेश परीक्षा पास नहीं कर सके थे। उस वक्त अपने साथियों को प्रतिष्ठित संस्थानों में जाते देख वे काफी टूट गए थे और उन्हें एक गुमनाम कॉलेज से अपनी पढ़ाई शुरू करनी पड़ी। इसके बाद साल 2021 में उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया, लेकिन वहां भी उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। अमित कहते हैं कि उस रिजेक्शन ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया था, लेकिन साथ ही फिर से खड़ा होने का हौसला भी दिया।
लगातार मिली असफलताओं के बाद अमित ने अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने पर ध्यान देना शुरू किया। उनकी मेहनत रंग लाई और साल 2022 में उन्हें गूगल (Google) में फुल टाइम जॉब का ऑफर मिला। गूगल में काम करने के दौरान उन्हें सिंगापुर सहित कई देशों की यात्रा करने और दुनियाभर के तकनीकी वातावरण को समझने का मौका मिला। अमित ने गूगल को अपनी मंजिल मानने के बजाय सीखने का एक पड़ाव माना और अपनी तकनीकी दक्षता को और निखारने पर काम किया।
अमित की प्रतिभा को देखते हुए फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने उन्हें लंदन ऑफिस के लिए अप्रोच किया। अमित को छह कठिन इंटरव्यू राउंड से गुजरना पड़ा, जिसके बाद उन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर चुना गया। उन्हें सालाना 1.7 करोड़ रुपये का भारी-भरकम सैलरी पैकेज ऑफर किया गया है। 2018 में एक साधारण कॉलेज से शुरू हुआ उनका सफर आज लंदन की ऊंची इमारतों तक पहुंच चुका है।
अमित दत्ता की यह यात्रा साबित करती है कि करियर की सफलता कभी सीधी रेखा में नहीं चलती। उन्होंने छात्रों और युवाओं को मैसेज दिया है कि किसी एक परीक्षा का रिजल्ट आपके पूरे भविष्य का फैसला नहीं कर सकता। सफलता कॉलेज की रैंकिंग से ज्यादा आपकी स्किल्स, निरंतरता और विपरीत परिस्थितियों में लड़ने की क्षमता पर डिपेंड करती है। अमित की सफलता की यह कहानी इंटरनेट पर लाखों लोगों को प्रेरित कर रही है।