दिव्यांग स्कूली बच्चों के लिए प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल एक ऐसी तकनीक लेकर आ रहा है, जिससे उन्हें तकनीक की भाषा सीखने-समझने में आसानी होगी।
दिव्यांग स्कूली बच्चों के लिए प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल एक ऐसी तकनीक लेकर आ रहा है, जिससे उन्हें तकनीक की भाषा सीखने-समझने में आसानी होगी। फिलहाल इसे अमरीका के स्कूलों में लाया जा रहा है, फिर उसे दुनिया के अन्य स्कूलों को दिया जाएगा। एप्पल ने एक बयान में कहा है कि इस शरद ऋतु से अमरीका के विशेष स्कूलों यानी उन स्कूलों में, जहां दिव्यांग छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, वहां 'एवरीवन कैन कोड' शिक्षा प्रणाली पेश की जाएगी।
एप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा कि इस कोडिंग तकनीक से एप्पल का उद्देश्य शिक्षा को सुगम बनाना है। उन्होंने कहा, हमने 'एवरीवन कैन कोड' का विकास किया है, क्योंकि हमारा मानना है कि प्रौद्योगिकी की भाषा समझने के मामले में सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एप्पल ने यह तकनीक पाठ्यक्रम किंडरगार्टन से लेकर कॉलेज छात्रों के लिए बनाया गया है। इसके जरिए छात्र न केवल पहली (पजल्स) सुलझा सकते हैं, बल्कि एक टैप पर कैरेक्टर को कंट्रोल कर सकते हैं। इसके साथ ही वे अपना एप भी विकसित कर सकते हैं।