
इस समय स्कूलों में लर्निंग आउटकम पर ज्यादा से ज्यादा फोकस किया जा रहा है। वहीं ऑनलाइन एजुकेशन को इंटरेस्टिंग बनाने के लिए आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग टेक्निक अपनाई जा रही हैं, ताकि स्टूडेंट्स घर बैठे पढ़ाई के साथ-साथ एक्टिविटीज को भी एंजॉय कर सके।
एक्सपर्ट के अनुसार हर क्लास और सब्जेक्ट को लेकर लर्निंग की पूरी प्लानिंग की गई है। ऑनलाइन लर्निंग के लिए ये प्लानिंग इसलिए भी जरूरी है क्योंकि न सिर्फ बच्चे, बल्कि टीचर्स के लिए भी यह एक नया अनुभव है। टीचर्स की ट्रेनिंग पर भी काफी काम हो रहा है। वहीं स्कूल्स हाल ही जारी हुई नई गाइडलाइन को भी फॉलो कर रहे हैं। एक्सपर्ट के अनुसार आने वाले समय में टीचिंग पैटर्न पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ने वाला है।
ऑनलाइन इंटरस्कूल कॉम्पीटिशन
अब सभी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। ऐसे में एकेडमिक्स के साथ-साथ नॉन एकेडमिक प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही करवाई जा रही है। पिछले दिनों देश के स्कूलों में समर क्लासेज के तहत योग, कुलिनेरी, आर्ट एंड क्रॉफ्ट और म्यूजिक की क्लासेज आयोजित की थी। वहीं आगे ऑनलाइन इंटर स्कूल कॉम्पीटिशंस भी होंगे।
ऑनलाइन क्लासेज का एक तय समय
जानकारी के अनुसार ऑनलाइन क्लासेज का समय सुबह 9 से शाम 4 बजे तक हैं। इस दौरान में ब्रेक देकर क्लासेज करवाई जा सकती है। गाइडलाइंस के अनुसार दो क्लास के बीच ब्रेक देना जरूरी है। कुछ स्कूल दो क्लासेज के बीच 10 से 20 मिनट तक का ब्रेक भी दे रहे हैं।
पढ़ाई के साथ आर्ट एक्टिविटीज
इस समय आर्ट इंटीग्रेटेज लर्निंग पर फोकस है। देश के कई स्कूलों ने आर्ट इंटीग्रेटेड लर्निंग पैटर्न तैयार किया है जिसमें वे पढ़ाई के साथ-साथ एक्टिविटीज को भी इनवॉल्व करेंगे। यह लर्निंग प्राइमरी स्टूडेंट्स के लिए ज्यादा उपयोगी साबित होगी।