BHU: इस आदेश के बाद BHU प्रशासन ने पहले से निर्धारित 30 अप्रैल की तारीख से दो दिन पूर्व ही सोमवार को एडमिशन काउंटर बंद करने का निर्णय लिया है। सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अब मेरिट सूची...
Banaras Hindu University, BHU PhD Admission प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं के चलते छात्रों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। बीते एक महीने से छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच सोमवार को University Grants Commission (UGC) ने हस्तक्षेप करते हुए पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी है और एक जांच समिति गठित करने का आदेश दिया है, जो विभागीय स्तर पर हुई गड़बड़ियों की जांच कर रिपोर्ट सबमिट करेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाहक कुलपति प्रो. संजय कुमार और कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह को दिल्ली तलब किया है। मंत्रालय ने उनसे यह स्पष्ट करने को कहा है कि प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ियों के लिए कौन जिम्मेदार हैं। छात्रों ने रविवार को भी यूनिवर्सिटी के केंद्रीय कार्यालय का घेराव किया था।
UGC के सचिव अमिष जोशी द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि PhD Admission में कई गंभीर विसंगतियां पाई गई हैं। नियमों के अनुपालन की समीक्षा और गड़बड़ियों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति की रिपोर्ट आने तक 2024-25 सत्र के लिए किसी भी प्रकार की प्रवेश प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। अंतिम निर्णय अब संबंधित प्राधिकरण द्वारा ही लिया जाएगा।
इस आदेश के बाद BHU प्रशासन ने पहले से निर्धारित 30 अप्रैल की तारीख से दो दिन पूर्व ही सोमवार को एडमिशन काउंटर बंद करने का निर्णय लिया है। सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अब मेरिट सूची के आधार पर किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश न दें और न ही फोन द्वारा संपर्क करें। अगला आदेश आने तक किसी नए छात्र का प्रवेश नहीं होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कुल 944 अभ्यर्थियों को एडमिशन दिया जा चुका है, जबकि कुल 1,466 सीटें उपलब्ध थीं। जिन्हें एडमिशन मिल चुका है, उन्हें 15 मई तक अपने संबंधित विभागों में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है।