Bihar Board Result: बिहार बोर्ड की परीक्षा खत्म होते ही छात्रों को अब रिजल्ट का इंतजार है। लेकिन क्या आप जानते हैं BSEB रिजल्ट जारी करने से पहले टॉपर्स के इंटरव्यू लेता है। जानिए इसके पीछे की वजह
Bihar Board Result: बिहार बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं हो गई हैं। जहां एक ओर 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 17 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित की गई थीं। वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 1 से 15 फरवरी तक आयोजित की गई थीं। परीक्षा के खत्म होते ही अब छात्रों को रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है। इस महीने के अंत तक 12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी हो सकता है।
बिहार बोर्ड के रिजल्ट का लंबा प्रोसेस है। पहले कॉपी जांची जाती है और छात्रों के जवाब और परफॉर्मेंस के आधार पर अंक निर्धारित किए जाते हैं। इन अंकों की तुलना करके टॉपर्स की लिस्ट बनाई जाती है। फिर इन टॉपर्स को इंटरव्यू देना होता है, जिसके बाद बिहार बोर्ड रिजल्ट जारी करता है।
बिहार में बोर्ड में चोरी और धांधली आम हैं। कुछ साल पहले बिहार बोर्ड टॉपर्स की घोषणा में बड़ी गड़बड़ी देखी गई थी। 12वीं की टॉपर रूबी रॉय ने जिसने 500 में से 444 मार्क्स हासिल किए थे मीडिया इंटरव्यू में हैरान करने वाले जवाब दिए थे। रूबी रॉय ने पॉलिटिकल साइंस को प्रोडिकल साइंस कह दिया था और बताया था कि इसमें खाना बनाने और सिखाने की बता बताई जाती है। रूबी के इस जवाब से बवाल मच गया। शिक्षा विभाग और सरकार पर सवाल उठने लगे। ऐसे और भी मामले सामने आए थे, जहां छात्र विषय का नाम तक नहीं बता पा रहे थे।
बदनामी और किरकिरी से बचने के लिए BSEB ने टॉपर्स इंटरव्यू (Toppers Interview) की प्रक्रिया शुरू कर दी। बिहार बोर्ड रिजल्ट जारी करने से पहले टॉपर्स का वेरिफिकेशन करने के लिए इंटरव्यू का आयोजन करता है। टॉपर लिस्ट में जिन छात्र-छात्राओं का नाम शामिल होता है, उनसे 13-14 परीक्षक 30-40 प्रश्न पूछते हैं। सभी प्रश्न बिहार बोर्ड के सिलेबस से रहते हैं, साथ ही अंग्रेजी में अपना परिचय देना होता है। इस इंटरव्यू को अगर छात्र अच्छे से पास नहीं कर पाते हैं तो रिजल्ट बदल दिया जाता है। इस इंटरव्यू के दौरान टॉपर्स की हैंडराइटिंग भी मैच कराई जाती है।