Bikaji Founder Ratan Agarwal Success Story: बीकाजी फूड्स के संस्थापक शिव रतन अग्रवाल का चेन्नई में निधन। 75 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस। महज 8वीं पास होने के बाद भी उन्होंने 19 हजार करोड़ का बिजनेस खड़ा किया।
Bikaji Founder Shiv Ratan Agarwal Passes Away: देश के नमकीन और स्नैक उद्योग जगत के लिए एक दुखद खबर है। बीकाजी फूड्स के संस्थापक और मशहूर उद्योगपति शिव रतन अग्रवाल का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि अचानक घबराहट महसूस होने के बाद वो दुनिया से चल बसे। महज आठवीं कक्षा तक पढ़े शिव रतन अग्रवाल ने अपनी मेहनत के दम पर 19,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का टर्नओवर वाला ब्रांड खड़ा किया। बीकानेर के लोकल मार्केट से शुरू हुआ उनका सफर आज एक ग्लोबल ब्रांड बन चुका है।
आज के दौर में बीकाजी फूड्स भारतीय नमकीन और मिठाइयों के बाजार में एक बड़ा नाम बन चुका है। कंपनी का मार्केट कैप करीब 19,621 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, इसके फाउंडर शिव रतन अग्रवाल की कुल संपत्ति 15,279 करोड़ रुपये बताई जाती है। बीकाजी आज भुजिया, नमकीन, पापड़ और पैकेज्ड मिठाइयों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।
शिव रतन अग्रवाल का परिवार पीढ़ियों से नमकीन के कारोबार से जुड़ा हुआ है। उनके दादा गंगा बिशन अग्रवाल ने ही फेमस ब्रांड 'हल्दीराम' की नींव रखी थी। पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए शिव रतन अग्रवाल ने अपना अलग रास्ता चुनने का फैसला किया। साल 1986 में उन्होंने अपने बेटे दीपक के नाम पर 'शिवदीप प्रोडक्ट्स' की शुरुआत की।
अपने कारोबार को एक नई पहचान देने के लिए शिव रतन अग्रवाल ने साल 1993 में इसका नाम बदलकर 'बीकाजी' कर दिया। यह नाम बीकानेर शहर के फाउंडर बीका राव से प्रेरित था। उन्होंने मॉर्डन मशीन और बेहतर क्वालिटी के दम पर बीकानेरी भुजिया को घर-घर तक पहुंचा दिया। आज बीकाजी फूड्स न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुका है।
बीकाजी की पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन इसके ब्रांड एम्बेसडर हैं। एडवरटाइजमेंट के जरिए उन्होंने इस ब्रांड को युवाओं और हर उम्र के लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया है। शिव रतन अग्रवाल की यह कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो, कम पढ़ाई-लिखाई के कारण अपने सपनों को छोटा समझकर कोशिश करना ही छोड़ देते हैं।