
बालोद जिले में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज तो खोले गए लेकिन कॉलेज भवन बनाने शासन के पास राशि कम पड़ गई। जिले में तीन नए कॉलेज भवन का निर्माण होना है, जिसमें एक का काम तो चल रहा है। वहीं ग्राम बासिन में दूसरे कॉलेज भवन का निर्माण शुरू तो हुआ लेकिन राशि के लिए अलॉटमेंट नहीं होने के कारण निर्माण रुका हुआ है। वहीं घोठिया में तो कॉलेज भवन निर्माण के लिए आज तक जमीन का चयन भी नहीं हो पाया है। ऐसे में वर्तमान स्थिति में देखें तो कॉलेज का संचालन या तो पुराने स्कूल भवन या फिर पंचायत भवनों में किया जा रहा है, जिससे कॉलेज के विद्यार्थियों को सर्व सुविधा युक्त कॉलेज भवन से वंचित रहना पड़ रहा है। अभावों व असुविधाओं के बीच विद्यार्थियों को पढ़ाई करने की मजबूरी है।
जिले के ग्राम माहुद (बी) में कॉलेज भवन का निर्माण हो रहा है। कॉलेज की स्वीकृति के लगभग ८ साल बाद यहां कॉलेज भवन का निर्माण किया जा रहा है। अब आने वाले नए साल 2027 तक कॉलेज भवन का निर्माण पूर्ण हो जाएगा, जिसकी पुष्टि लोक निर्माण विभाग ने की है।
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लोक निर्माण विभाग के मुताबिक कॉलेज भवन 4 करोड़ 34 लाख रुपए की लगात से बनाया जा रहा है। फिलहाल कॉलेज भवन को बनने में लगभग साल भर इंतजार करना पड़ेगा। ग्रामीण डॉ. नारायण साहू ने बताया कि कॉलेज की सौगात तो मिली लेकिन इसका फायदा भी क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिल रहा है। कॉलेज भवन का निर्माण नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन अब कॉलेज भवन निर्माण शुरू होगा तो इसका फायदा विद्यार्थियों को होगा और कॉलेज के विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी।
बासिंग में भी कॉलेज भवन का निर्माण शुरू हुआ लेकिन राशि के अभाव में कार्य रुक गया। जानकारी के मुताबिक शासन से राशि जारी तो हो गई है पर अलॉटमेंट नहीं होने के कारण ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। अब कब काम शुरू होगा, इसका जवाब लोक निर्माण विभाग नहीं बता पा रहा है। ऐसे में यहां कॉलेज भवन के लिए अभी और इंतजार कॉलेज के विद्यार्थियों को करना पड़ेगा।
जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम घोटिया में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2023-24 से एक कॉलेज संचालित है। विडंबना यह है कि इस सत्र में भी कॉलेज का संचालन स्थानीय स्कूल के भवन में ही करने की तैयारियां चल रही हैं। इसका प्रमुख कारण कॉलेज के नवीन भवन निर्माण के लिए भूमि का अभी तक तय नहीं हो पाना है। भूमि निर्धारित न होने के चलते भवन निर्माण के लिए आवश्यक वित्तीय राशि भी स्वीकृत नहीं हो पाई है, जिससे पूरा मामला अधर में लटका हुआ है। जानकारी के अनुसार, घोटिया में कॉलेज भवन के निर्माण के लिए राजस्व विभाग के पास कोई उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है।
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कॉलेज के लिए जमीन नहीं मिलने की स्थिति में वन विभाग की भूमि पर कॉलेज भवन बनाने की योजना बनाई गई है। हालांकि वन विभाग की इस भूमि का उपयोग परिवर्तन कराने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति प्राप्त करना एक अनिवार्य शर्त है। जब तक यह केंद्रीय अनुमति नहीं मिल जाती, तब तक नवीन भवन का निर्माण प्रारंभ नहीं हो सकेगा और कॉलेज को स्कूल भवन में ही संचालित करने की मजबूरी बनी रहेगी। इससे छात्रों को अपेक्षित सुविधाएं मिलने में विलंब हो रहा है।
लोक निर्माण विभाग के ईई पूर्णिमा चंद्रा ने कहा कि माहुद बी कॉलेज भवन का निर्माण शुरू हो गया है। कॉलेज भवन बनने के बाद विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। रही बात बासिंग की तो यहां अभी निर्माण रुका हुआ है। जल्द ही कॉलेज भवन निर्माण शुरू किया जाएगा।