शिक्षा

स्कूल में शिक्षकों की कमी, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

बालोद जिले में कुल 816 शासकीय प्राथमिक स्कूल है, जिसमें से 2 प्राथमिक स्कूलों में एक भी नियमित शिक्षक नहीं है। ये स्कूल शिक्षक विहीन है। वहीं 36 प्राथमिक स्कूलों में एकल शिक्षक के भरोसे बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है।
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बालोद जिले में कुल 816 शासकीय प्राथमिक स्कूल है, जिसमें से 2 प्राथमिक स्कूलों में एक भी नियमित शिक्षक नहीं है। ये स्कूल शिक्षक विहीन है। वहीं 36 प्राथमिक स्कूलों में एकल शिक्षक के भरोसे बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है।

बालोद जिले में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति गंभीर है। स्कूल में बिना नियमित शिक्षक के बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा विभाग किस तरह नींव कमजोर कर रहा है। जिला शिक्षा विभाग के मुताबिक जिले में कुल 816 शासकीय प्राथमिक स्कूल है, जिसमें से 2 प्राथमिक स्कूलों में एक भी नियमित शिक्षक नहीं है। ये स्कूल शिक्षक विहीन है। वहीं 36 प्राथमिक स्कूलों में एकल शिक्षक के भरोसे बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है। ऐसे में पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। अब इन स्कूलों में अन्य स्कूलों के शिक्षकों की सेवा ली जा रही है। इन स्कूलों में बच्चे पढ़ाई कम और खेलकूद कर रहे हैं।

सहायक शिक्षकों की पदोन्नति से बने हालात

प्राथमिक स्कूलों से पदोन्नति, स्थानांतरण व सेवानिवृत्त होने से भी कई शिक्षक प्राथमिक स्कूलों में सेवा नहीं दे रहे हैं। इस कारण प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों को कमी है। भर्ती पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिक्षकों की कमी को लेकर पालकों ने स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी भी दे रहे है। शिक्षा विभाग शीघ्र सभी स्कूलों में शिक्षक भर्ती करने की बात कह रहा है।

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नियम -30 बच्चों में एक शिक्षक, 37 पर एक भी शिक्षक नहीं

शासन व जिला शिक्षा विभाग के नियम के मुताबिक प्राथमिक स्कूलों में 30 बच्चे या उससे कम हैं तो एक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। लेकिन जिले के ग्राम बीजाभाठा में संचालित प्राथमिक स्कूल में कुल 37 बच्चे कक्षा पहली से पांचवीं तक हैं। यहां एक भी शिक्षक नहीं है। अन्य स्कूलों से शिक्षक अटैच किए गए हैं।

43 बच्चे पर एक शिक्षक

जिले के शासकीय प्राथमिक शाला पीडियाल में भी कुल 43 बच्चे हैं, लेकिन यहां एक शिक्षक पदस्थ है। शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है।

नए शिक्षक की नियुक्ति नहीं

छिंदगांव कन्या प्राथमिक शाला में 30 से अधिक बच्चे हैं। यहां अभी तक नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। यहां अन्य स्कूलों के शिक्षकों को अटैच किया गया है।

नहीं हो रही शिक्षकों की भर्ती

इन शिक्षक विहीन स्कूलों में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति में अभी समय लगेगा। शासन व प्रशासन अभी शिक्षकों की भर्ती नहीं कर रहे हैं। ऐसे में इन स्कूलों को अभी अन्य स्कूलों के शिक्षकों के भरोसे बच्चों को पढ़ाना होगा और स्कूल का भी कार्य कराना होगा।

फैक्ट फाइल

जिले में कुल शासकीय प्राथमिक स्कूल -816
शिक्षक विहीन स्कूल -2, प्राथमिक शाला छिंदगांव व बीजाभाठा
एकल शिक्षक प्राथमिक स्कूल -34
बालोद ब्लॉक में -0, गुरुर में 2 स्कूल, गुंडरदेही में -3 स्कूल, डौंडीलोहारा ब्लॉक में 9 स्कूल व सबसे ज्यादा डौंडी ब्लॉक में 20 स्कूल है, जहां एक शिक्षक के भरोसे पढ़ाई हो रही है।

शिक्षक विहीन व एकल शिक्षक स्कूल की जानकारी भेजी

जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे ने बताया कि जिले में शिक्षक विहीन व एकल शिक्षक स्कूल की जानकारी शासन को भेज दी गई है। पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए अन्य स्कूलों के शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। नियमित शिक्षकों की भर्ती शासन स्तर पर होगी। हमने शासन को पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी है।