Diljit Dosanjh-AR Rahman: 6 जनवरी को म्यूजिक इंडस्ट्री के दो बड़े स्टार्स अपना जन्मदिन मना रहे हैं। जानिए ये दोनों स्टार्स कितने पढ़े-लिखे हैं?
AR Rahman-Diljit Dosanjh Birthday: आज बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री के दो मशहूर दिग्गज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। हम बात कर रहे हैं ग्लोबल आइकन बन चुके पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ और ऑस्कर विजेता एआर रहमान की। इन दोनों दिग्गजों ने गरीबी और अभावों से लड़कर दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। आइए जानते हैं इन दोनों स्टार्स की पढ़ाई से लेकर संघर्ष की पूरी कहानी।
पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ का जन्म जालंधर के एक छोटे से गांव दोसांझ कलां में हुआ था। उनका बचपन बेहद सादगी में बीता। उनके पिता पंजाब रोडवेज में बस ड्राइवर थे और उनके घर की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी।
स्कूली शिक्षा: दिलजीत ने अपनी शुरुआती पढ़ाई लुधियाना के श्री गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने लुधियाना के ही अल मनार पब्लिक स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की और वहीं से अपना डिप्लोमा पूरा किया। दिलजीत ने संगीत की कोई खास ट्रेनिंग नहीं ली। उन्होंने बचपन में गांव के गुरुद्वारे में कीर्तन और भजन गाकर संगीत की बारीकियां सीखीं। साल 2004 में उनके पहले एल्बम 'इश्क दा उड़ा ऐडा' ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई।
म्यूजिक लीजेंड एआर रहमान का जन्म मद्रास में हुआ था और उनका बचपन का नाम दिलीप कुमार था। उनके पिता आरके शेखर मलयालम फिल्मों में संगीतकार थे। जब रहमान केवल 9 वर्ष के थे, तब उनके पिता का साया सिर से उठ गया।
अभावों में बीता बचपन: घर चलाने के लिए रहमान की मां को उनके पिता के वाद्य यंत्र किराए पर देने पड़े। आर्थिक तंगी और काम के दबाव के चलते रहमान स्कूल नहीं जा पाते थे और एग्जाम में फेल हो जाते थे। रहमान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक बार स्कूल की प्रिंसिपल ने उनकी मां को बुलाकर अपमानित किया और कहा कि इसे स्कूल से ले जाओ और सड़कों पर भीख मंगवाओ।
लंदन से मिली स्कॉलरशिप: इस घटना के बाद रहमान ने स्कूल छोड़ दिया और पूरी तरह संगीत को अपना करियर बना लिया। बाद में उनके हुनर को देखते हुए लंदन के ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ म्यूजिक ने उन्हें स्कॉलरशिप दी, जहां से उन्होंने वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक में डिप्लोमा किया।
एआर रहमान और दिलजीत दोसांझ के संघर्ष से साबित होता है कि, सफलता पाने के लिए केवल किताबी डिग्री काफी नहीं है। अगर इंसान में मेहनत करने का जज्बा और अटूट हुनर हो, तो वह दुनिया के किसी भी कोने में अपनी चमक बिखेर सकता है। आज ये दोनों कलाकार करोड़ों युवाओं के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं।