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DU Admission: इस बार कितना गया कटऑफ, 243 अनाथ छात्रों और 1339 सिंगल गर्ल चाइल्ड को मिली सीट

DU Admission: दिल्ली विश्वविद्यालय के UG कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। डीयू में CUET UG स्कोर के आधार पर प्रवेश मिलेगा। यूजी कोर्स में एडमिशन से जुड़ी कुछ खास बातें जानिए
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DU Admission

DU Admission: दिल्ली विश्वविद्यालय के UG कोर्स में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। डीयू में CUET UG स्कोर के आधार पर प्रवेश मिलेगा। योग्य छात्रों को दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों की 71 हजार 600 सीटों पर एडमिशन मिलेगा। डीयू में दाखिले संबंधित किसी प्रकार की जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट du.ac.inपर जाएं।

बीकॉम बना कई छात्रों की पहली पसंद (BCom Course)

डीयू ने यूजी कोर्सेज में एडमिशन के लिए पहली मैरिट लिस्ट 16 अगस्त को जारी कर दी थी। DU CSAS राउंड 1 में 97,387 स्टूडेंट्स को सीट अलॉट की गई है। इनमें से अधिकांश: छात्रों ने बीकॉम कोर्स को पहली प्राथमिकता पर रखा है। 

कुछ खास कैटेगरी के तहत भरी जाएंगी सीट्स 

इस साल करीब 2 लाख छात्रों ने डीयू यूजी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया था। इनमें से सिर्फ 1,85,543 लाख छात्रों ने ही कोर्स-कॉलेज की पसंद भरी थी। विश्वविद्यालय के 68 कॉलेज/इंस्टीट्यूट/सेंटर के 79 यूजी प्रोग्राम और 198 बीए प्रोग्राम कॉम्बिनेशन की करीब 71 हजार सीटों पर दाखिला मिलेगा। डीयू ने विषय और कॉलेज के करीब 1559 कॉम्बिनेशन बनाए हैं। वहीं इस बार विश्वविद्यालय ने 5,68,20,017 यूनीक कटऑफ और रैंक जारी की है। दिलचस्प बात ये है कि इन सीटों में 243 अनाथ छात्रों और 1339 सिंगल गर्ल चाइल्ड को भी सीटें दी गई हैं।

नया फीचर जुड़ा, खुद चेक कर सकेंगे रैंक (UG Admission Latest Update)

इस साल डीयू ने एक नया फीचर जोड़ा है, जिसके तहत छात्र अपने डैशबोर्ड में वह कटऑफ और रैंक चेक कर सकते हैं, जिसमें उन्हें सीट अलॉट हुई है। हर छात्र का डैशबोर्ड अलग होता है। सभी को कैटेगरी और कोटा के हिसाब से डिटेल्स दिखेंगी। बता दें, किसी छात्र का एक से ज्यादा कोर्स होने पर और कटऑफ सेम होने पर भी रैंक में अंतर हो सकता है। यह रैंक कोर्स-कॉलेज की पसंद वाले ऑर्डर के हिसाब से तय होगी।

टाई ब्रेकर नियम के तहत होंगे दाखिले (DU Admission)


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार CUET UG स्कोर में सिर्फ स्कोर है, परसेंटाइल नहीं। वहीं NTA ने इस साल नॉर्मलाइज्ड स्कोर नहीं दिया है। अगर एक से ज्यादा छात्रों का स्कोर एक जैसा होता है तो इसके लिए DU टाई ब्रेकर नियम का इस्तेमाल करेगी। इस नियम के तहत 12वीं बोर्ड का रिजल्ट भी देखा जाएगा। ऐसे केस में छात्रों को मिली सीट का फैसला 3/4/5 विषय के बेस्ट स्कोर, ज्यादा उम्र वाले कैंडिडेंट को प्रिफरेंस, इंग्लिश अल्फाबेट के हिसाब से नाम के आधार पर लिया जाएगा। 

Updated on:
18 Aug 2024 12:09 pm
Published on:
18 Aug 2024 12:09 pm