GK Exam: आम तौर पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में विज्ञान से जुड़े कुछ प्रश्न ऐसे पूछे जाते हैं जिनका उत्तर तो बहुत आसान होता है परन्तु हम उन पर ध्यान नहीं देते और याद नहीं करते। जानिए ऐसे ही प्रश्नों के बारे में
GK Exam: आम तौर पर लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में विज्ञान से जुड़े कुछ प्रश्न ऐसे पूछे जाते हैं जिनका उत्तर तो बहुत आसान होता है परन्तु हम उन पर ध्यान नहीं देते और याद नहीं करते। जानिए ऐसे ही प्रश्नों के बारे में
प्रश्न (1) - भोजन करने के तुरंत बाद झपकी क्यों आती है?
कार्बोहाइड्रेटस, चिकनाई और शक्कर के सेवन के बाद जैसे ही भोजन हमारे पेट के भीतर छोटी आंत तक पहुुचता है दिमाग पूरे शरीर को संदेश भेजता है कि आराम करो। इसे पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम कहते हैं। इसका मतलब है कि अब भोजन पचाने का समय है। शरीर को दूसरे कार्यों सेरोको। शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क के हाइपोथैलमस क्षेत्र में ओरेक्सिन न्यूरॉन्स का पता लगाया है जो ग्लूकोज का स्तर बढ़ते ही सक्रिय हो जाते हैं। ये न्यूरॉन प्रोटीन ओरेक्सिन तैयार करते हैं जो दिमाग की जागृत अवस्था को कम करता है ताकि शरीर आराम करे। जब हम अधिक कैलोरी वाला भोजन करते हैं तो मस्तिष्क ऊर्जा को पाचन की ओर स्थानांतरित करता है। इसके लिए वह लाल रक्त कोशिकाओं को भोजन तोडऩे, शरीर में पोषक तत्वों ले जाने के लिए भेजता है। इस कारण सुस्ती और नींद आती है। इसका मतलब यह भी है कि यदि आप जल्द पचने वाला भोजन करेंगे तो सुस्ती कम होगी। होमियोस्टेटिक नींद ड्राइव और बॉडी साइकिल (सरकाजियन) भी नींद का कारण हैं। दरअसल स्लीप ड्राइव मस्तिष्क के भीतर एक रसायन एडेनोसाइन के क्रमिक निर्माण के कारण होती है। जितनी देर इंसान जागा हुआ रहता है, एडेनोसाइन उसके भीतर सोने की उतनी इच्छा प्रेरित करता है। एडेनोसाइन रात को सोने के पहले व दोपहर को ज्यादा होता है। दोनों समय हमारे भोजन के भी हैं।
प्रश्न (2) - डी-ओडोरेंट कैसे काम करता है?
डी-ओडोरेंट में मौजूद रासायनिक तत्व आपके शरीर में खासतौर से बगल में पसीने के साथ पैदा हुए बैक्टीरिया को तुरंत नष्ट करता है। बैक्टीरिया की वजह से ही शरीर में बदबू आती है। उनके नष्ट होने के बाद बदबू भी खत्म हो जाती है। डी-ओडोरेंट में एंटीपर्सपिरेंट भी होते हैं, जो पसीने की ग्रंथियों को ब्लॉक करते हैं। पसीना कम निकलने से भी बैक्टीरिया को बढऩे का मौका नहीं मिलता है।
प्रश्न (3) - यूट्यूब पर वीडियो डालने से कमाई कैसे होती है?
यह कमाई विज्ञापन से होती है। मसलन यदि आप यूट्यूब पर कोई वीडियो डालते हैं और वह काफी लोकप्रिय हो जाता है। वीडियो डालने वाले के पास विज्ञापन लेने का विकल्प होता है। उसके दर्शक और सब्स्क्राइबर बढऩे पर उसके पास ज्यादा विज्ञापन आते हैं। विज्ञापन जब देखे जाते हैं तो वीडियो अपलोड करने वाले को उसी हिसाब से रकम मिलती जाती है।