Panchayat Sachiv ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे में एक मुख्य भूमिका निभाता है। यह पद राज्य सरकार के अधीन आता है और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी, योजना क्रियान्वयन और रिपोर्टिंग का जिम्मा संभालता है।
Panchayat Sachiv Kaise Bane: हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज "Panchayat" का चौथा सीजन दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। इससे पहले के तीनों सीजन को भी दर्शकों ने खूब प्यार दिया था। Panchayat सीरीज गांव और उसके आस-पास की राजनीति पर आधारित है। इसमें कई किरदार हैं, जैस- प्रधान जी, उप-प्रधान, सचिव, सहायक सचिव आदि। इस शो का मुख्य किरदार ‘सचिव जी’ है, जो पंचायत सचिव की भूमिका निभा रहे हैं। यह पद न केवल शो में बल्कि असल जिंदगी में भी ग्रामीण प्रशासन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आइए जानते हैं कि कोई व्यक्ति पंचायत सचिव कैसे बन सकता है, इसकी परीक्षा प्रक्रिया क्या होती है और उन्हें कितनी सैलरी मिलती है।
Panchayat Sachiv ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे में एक मुख्य भूमिका निभाता है। यह पद राज्य सरकार के अधीन आता है और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी, योजना क्रियान्वयन और रिपोर्टिंग का जिम्मा संभालता है। Panchayat Sachiv का ऑफिस पंचायत ऑफिस में होता है।
हर राज्य में पंचायत सचिव की भर्ती प्रक्रिया अलग होती है, लेकिन आम तौर पर यह राज्य की अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (SSSC) या लोक सेवा आयोग (PSC) के माध्यम से होती है। सभी राज्यों में इस पद को भरने के अपने-अपने नियम और कानून हैं। कुछ प्रमुख राज्यों में यह परीक्षा निचे दी गई संस्थाएं आयोजित करती हैं। अधिकतर राज्यों में ये सरकारी नौकरी के अंतर्गत आती है।
उत्तर प्रदेश: UPSSSC (उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग)
बिहार: BSSC या पंचायत राज विभाग
मध्य प्रदेश: MPPEB / MPESB
राजस्थान: RSMSSB
झारखंड: JSSC
पंचायत सचिव के पद के लिए भर्ती की प्रक्रिया की बात करें तो इसमें आम तौर पर तीन चरण होते हैं। लिखित परीक्षा, डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन और कुछ राज्यों में इंटरव्यू भी होता है। हालांकि कई राज्यों में इंटरव्यू नहीं भी लिया जाता है। परीक्षा में अमूमन सामान्य ज्ञान, गणित, करंट अफेयर्स जैसे विषयों से सवाल पूछे जाते हैं।
सचिव पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। कई राज्यों में कंप्यूटर में बेसिक ज्ञान या डिप्लोमा अनिवार्य हो सकता है। वहीं सैलरी की बात करें तो सचिव का प्रारंभिक वेतन ₹21,700 से ₹29,200 प्रति माह (लेवल 3 से 5 तक) रहता है। वहीं महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) व अन्य: ₹8,000 से ₹12,000 मिलता है।
कुल इन-हैंड सैलरी ₹28,000 से ₹38,000 प्रति माह (राज्य और सेवा शर्तों के अनुसार अलग-अलग) होता है।