Most qualified Indian personalities: भारत में ज्ञान की परंपरा सदियों पुरानी है। आज हम आपको उन शख्सियतों के बारे में बताएगें जिन्होंने यह साबित किया कि कड़ी मेहनत से शिक्षा के किसी भी शिखर को छुआ जा सकता है।
Most Qualified Person in India: शिक्षा के क्षेत्र में भारत ने हमेशा से ही दुनिया को अचंभित किया है। हाल ही राजस्थान (झुंझुनूं) के 55 वर्षीय पूर्व सैनिक दशरथ सिंह ने कुल 138 डिग्री अपने नाम करके सभी को हैरान कर दिया। ऐसे में आज हम आपको देश के ऐसे दिग्गजों के बारे में बताएगें जिनकी डिग्रियों की फेहरिस्त किसी महाकाव्य से कम नहीं है। डॉ. श्रीकांत जिचकर से लेकर डॉ. अंबेडकर तक, जानिए इनके पास कौन-कौन सी डिग्रियां थीं।
महाराष्ट्र के डॉ. श्रीकांत जिचकर को आधिकारिक तौर पर भारत का मोस्ट क्वालिफाइड व्यक्ति माना गया है। एक किसान परिवार में जन्मे डॉ. श्रीकांत जिचकर का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। 2 जून 2004 को एक कार दुर्घटना में उनका निधन हो गया था, लेकिन उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां आज भी युवाओं के लिए मिसाल हैं।
चेन्नई के प्रोफेसर वी.एन. पार्थिबन की कहानी तो और भी हैरान कर देने वाली है। उनका विजिटिंग कार्ड किसी छोटी किताब जैसा नजर आता है क्योंकि उनके पास लगभग 150 डिग्रियां हैं। प्रोफेसर पार्थिबन अपनी पहली डिग्री मुश्किल से पास कर पाए थे, जिसके बाद उन्होंने अपनी मां से वादा किया कि वो अब लगातार पढ़ते रहेंगे और हर डिग्री हासिल करेंगे।
संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विद्वता का लोहा पूरी दुनिया मानती है। उनके पास 32 डिग्रियां थीं और उन्हें 9 भाषाओं का पूरा ज्ञान था। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टर ऑफ ऑल साइंस जैसी डिग्री हासिल की थी। उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में सिर्फ 2 साल 3 महीने में 8 साल की पढ़ाई पूरी की साथ ही लगभग 21 वर्षों तक दुनिया के सभी धर्मों का तुलनात्मक तरीके से अध्ययन किया।
राजस्थान के झुंझुनूं के रहने वाले पूर्व सैनिक दशरथ सिंह वर्तमान में चर्चा का केंद्र हैं। एक पूर्व सैनिक होने के बावजूद उनका शिक्षा के प्रति लगाव अद्भुत है। रिटायरमेंट के बाद भी दशरथ सिंह ने पढ़ाई जारी रखी और अब वे आर्मी की सप्त शक्ति कमान में कानूनी सलाहकार (Legal Advisor) के तौर पर काम कर रहे हैं। वह शिक्षा के क्षेत्र में 11 विश्व रिकॉर्ड बना चुके हैं।