NEET 2024: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने नीट को सामाजिक न्याय और गरीबी के खिलाफ बताया।
NEET 2024: मद्रास हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस ए.के. राजन ने तमिलनाडु सरकार से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को खत्म करने के लिए कदम उठाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नीट परीक्षा (NEET Exam) को समाप्त करने के लिए कानून या विधायी प्रक्रिया अपनाए। सरकार को एमबीबीएस समेत विभिन्न मेडिकल कोर्सेज में 12वीं के अंकों के आधार पर एडमिशन लेना चाहिए। उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस ने सरकार को विभिन्न शिक्षा बोर्डों के छात्रों के लिए अवसरों में समानता सुनिश्चित करने और अंकों के नॉर्मलाइजेशन का पालन करने की सिफारिश की।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के राज्य में सत्ता में आने के बाद 2021 में नीट आधारित प्रवेश प्रक्रिया के असर का अध्ययन करने के लिए समिति का गठन किया गया था। आंकड़ों के व्यापक विश्लेषण और छात्रों, अभिभावकों एवं जनता से प्राप्त सुझावों के आधार पर समिति की रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। ये रिपोर्ट विभिन्न राज्य सरकारों के साथ साझा की गई।
इधर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने X पर लिखा कि नीट जैसी परीक्षा गरीब विरोधी प्रकृति की है। साथ ही ये सामाजिक न्याय विरोधी है। बता दें ये पोस्ट 7 जून 2024 की है।