शिक्षा

देश के सबसे बड़े सैन्य पद पर हैं काबिज, फिर भी पढ़ाई पूरी कर रहे नए CDS राजा सुब्रमणि

New CDS Of India: सीखने की कोई उम्र नहीं होती इस बात को देश के नए सीडीएस ने सच साबित कर दिखाया है। भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि सेना के सबसे बड़े पद पर होने के बावजूद आंध्र यूनिवर्सिटी से अपनी पीएचडी की पढ़ाई पूरी कर रहे हैं।

2 min read
May 13, 2026
CDS Raja Subramani (Image- ChatGPT)

New CDS Raja Subramani: कहा जाता है कि सीखने और ज्ञान हासिल करने की कोई उम्र नहीं होती है। इस बात को भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने पूरी तरह सच साबित कर दिया है। देश की सेना के इतने बड़े और प्रतिष्ठ पद की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ वह एक आम छात्र की तरह अपनी पढ़ाई भी पूरी कर रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि वर्तमान में विशाखापट्टनम की आंध्र यूनिवर्सिटी (AU) से अपनी पीएचडी (PhD) की पढ़ाई कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें

NEET पेपर लीक: आखिर क्यों बार-बार जुड़ रहा है इसी शहर का नाम? जानिए पूरा कनेक्शन

कॉमर्स विभाग से कर रहे हैं रिसर्च

नए सीडीएस सुब्रमणि ने साल 2023 में आंध्र यूनिवर्सिटी के ट्रांस डिसिप्लिनरी रिसर्च हब में एडमिशन लिया था। वह अभी कॉमर्स एंड मैनेजमेंट स्टडीज विभाग में प्रोफेसर जलदी रवि के गाइडेंस में अपनी पीएचडी पूरी कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का कहना है कि, सेना में इतने ऊंचे पद और शानदार उपलब्धियों के बावजूद वह बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और कुछ नया सीखने के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं। अधिकारी बताते हैं कि, वह एक ऐसे इंसान हैं जो शिक्षा और सीखने की प्रक्रिया का बहुत सम्मान करते हैं।

हमेशा से रहा है पढ़ाई से गहरा नाता

21 जुलाई, 1965 को जन्मे लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि का पढ़ाई से हमेशा गहरा जुड़ाव रहा है। वह नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) के 67वें कोर्स और इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) के 77वें कोर्स के स्टूडेंट रहे हैं। उन्होंने अपने पूरे सैन्य करियर के दौरान अपनी हायर एजुकेशन जारी रखी। उन्होंने लंदन यूनिवर्सिटी के किंग्स कॉलेज से मास्टर ऑफ आर्ट्स (MA) की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उनके पास मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज में एमफिल (MPhil) की डिग्री भी है।

शानदार रहा है चार दशक का सैन्य करियर

लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि को 14 दिसंबर, 1985 को गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला था। लगभग चार दशकों के अपने लंबे और बेदाग करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं:

  • 1 सितंबर, 2025 से वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे।
  • इससे पहले जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक उन्होंने थल सेना के उप प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) की जिम्मेदारी संभाली।
  • मार्च 2023 से जून 2024 तक वह मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ रहे।
  • उन्होंने असम में आतंकवाद विरोधी अभियानों (ऑपरेशन राइनो) के दौरान 16 गढ़वाल राइफल्स और जम्मू कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान भी संभाली है।
  • वह पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन 2 कोर के प्रमुख भी रहे हैं।
  • सेना में उनकी बेहतरीन और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल जैसे बड़े सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

ये भी पढ़ें

NEET परीक्षा रद्द! SOG को मिले अहम डिजिटल सबूत, CBI करेगी जांच, जानिए अब आगे क्या होगा?
Also Read
View All