NDLS: नई दिल्ली स्टेशन पर मची भगदड़ के कारण ये चर्चा में है। चलिए हम नई दिल्ली स्टेशन का इतिहास और इससे जुड़ी रोचक बातों को जानते हैं।
NDLS History: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हमेशा पैसेंजर्स के लिए अपना कद बढ़ाता गया ताकि यात्रियों की यात्रा मंगलमय हो। लेकिन 15 फरवरी को यात्रियों के लिए नई दिल्ली स्टेशन मंगलमय नहीं रहा। क्योंकि कईयों की जीवन यात्रा का अंतिम स्टेशन बन गया ये स्टेशन। नई दिल्ली स्टेशन पर मची भगदड़ (New Delhi Stampede) का ये दर्द शायद ही हम भूल पाए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नई दिल्ली स्टेशन करीब 69 साल पहले कैसे बना (New Delhi Station History In Hindi) और 1 प्लेटफॉर्म से शुरू होकर ये 16 नंबर तक पहुंच गया। हम आज नई दिल्ली स्टेशन से जुड़ी कुछ रोचक तथ्य जानेंगे।
साल 1911 में ब्रिटिश ने दिल्ली को राजधानी बनाया। इसके बाद यहां पर रेल सेवा शुरू किया गया। 1926 में दिल्ली में दो प्लेटफॉर्म के साथ रेलवे स्टेशन की शुरुआत की गई। इसके बाद 1931 में नई दिल्ली को बसाया गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जहां पर नई दिल्ली को ब्रिटिशर्स ने बसाया था वो खाली पड़ी खेतीहर जमीन थी। ये हिस्सा रायसीना गांव में आता था। इसके साथ ही नई दिल्ली में भी रेलवे स्टेशन को बढ़ाने को लेकर योजना चल रही थी।
साल 1956 में आधिकारिक रूप से नई दिल्ली स्टेशन का उद्घाटन किया गया था। इससे पहले 1950 के दशक तक पुरानी दिल्ली स्टेशन ही प्रमुख स्टेशन था। मगर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन ने अब प्रमुख बन चुका है।
आधिकारिक साल से गणना की जाए तो करीब 69 साल इस स्टेशन को बने हो चुके हैं। इस तरह से नई दिल्ली स्टेशन एक नंबर प्लेटफॉर्म से शुरू हुआ था और अब देखिए ये 16 नंबर प्लेटफॉर्म तक बन चुका है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का विकास यूं ही नहीं हो रहा है। अगर कमाई के लिहाज से देखा जाए तो ये स्टेशन रेलवे विभाग के लिए "कमाऊ बेटा" है। जानकारी के मुताबिक, पैसेंजर रेवेन्यू के आधार पर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भारतीय रेलवे में सर्वाधिक कमाई करने वाला भी स्टेशन है। बता दें, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3337 करोड़ रुपए की कमाई की है।