शिक्षा

इंटीग्रेटेड कोर्सेज करना चाहते हैं, तो विज्ञान हो सकता है अच्छा ऑप्शन

विज्ञान से जुड़े क्षेत्रों में शोध के इच्छुक लोग कर सकते हैं देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के इंटीग्रेटेड पीएचडी कोर्सेज में आवेदन।
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Updated: 13 May 2018, 4:46 PM IST
Integrated Course
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विज्ञान से जुड़े क्षेत्रों में शोध के इच्छुक लोग कर सकते हैं देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के इंटीग्रेटेड पीएचडी कोर्सेज में आवेदन। इन प्रोग्राम्स के तहत आपकी पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी दोनों हो जाती हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च में ये इंटीग्रेटेड पीएचडी प्रोग्राम करवाए जाते हैं। कुछ कोर्सेज में प्रवेश एमएससी के लिए दी जाने वाली प्रवेश परीक्षा जैम के स्कोर को आधार बनाकर इंटरव्यू के लिए आवेदकों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है, तो कुछ में अलग से आयोजित एंट्रेंस और इंटरव्यू के आधार पर प्रवेश होगा। यदि आप भी ग्रेजुएशन के बाद विज्ञान से जुड़ी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश लेना चाहते हैं, तो आप कर सकते हैं अच्छे संस्थानों के इस इंटीग्रेटेड कोर्स पर विचार।

क्या हैं संस्थान
विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों में इंटीग्रेटेड पीएचडी करवाने वाले संस्थानों में आईआईएससी और आईआईएसईआर प्रमुख नाम हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलूरु में स्थित है, जबकि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के संस्थान कई शहरों में हैं। ये संस्थान इस प्रकार हैं- आईआईएसईआर- भोपाल, तिरूवनंतपुरम, कोलकाता, पुणे, मोहाली। इन संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी लेने के लिए इनकी आधिकारिक वेबसाइट्स पर विजिट किया जा सकता है।

क्या हैं विषय
आईआईएससी और आईआईएसईआर से इंटीग्रेटेड पीएचडी करने के इच्छुक लोगों के पास साइंस के विभिन्न विषयों का विकल्प होता है। वे अपनी रुचि और बैचलर्स की पढ़ाई के आधार पर इनमें से किसी सब्जेक्ट में प्रवेश ले सकते हैं। प्रमुखत: ये स्ट्रीम्स फिजिकल साइंसेज, केमिकल साइंसेज, मैथेमेटिकल साइंसेज, बायोलॉजिकल साइंसेज की हैं। जैम के पेपर में आपके द्वारा जिस सब्जेक्ट का एग्जाम दिया गया होगा, इंटीग्रेटेड पीएचडी में आवेदन उसके आधार पर होगा।

क्या है योग्यता
आईआईएसईआर के इंटीग्रेटेड पीएचडी की अहर्ता है-
-बायोलॉजिकल/ केमिकल/ मैथेमेटिकल/ फिजिकल साइंसेज/ इंजीनियरिंग/ टेक्नोलॉजी व संबंधित क्षेत्रों में बैचलर्स।

-स्कूल ऑफ फिजिक्स में प्रवेश लेने वालों के पास ज्वॉइंट एंट्रेंस स्क्रीनिंग टेस्ट यानी जेईएसटी का मान्य स्कोर होना चाहिए।

-ग्रेजुएशन में मिले अंकों की भी न्यूनतम अहर्ता रखी जाती है। तय अंक लाने वाले लोग ही आवेदन कर सकते हैं। यह अहर्ता अंकों में या प्रतिशत में होगी।

-आईआईएससी में प्रवेश के लिए तय विषय में ग्रेजुएट होना जरूरी है।

चयन का आधार
आईआईएससी के इंटीग्रेटेड पीएचडी प्रोग्राम में प्रवेश के लिए जरूरी होता है कि आवेदक ने उस साल आयोजित की गई जैम की परीक्षा पास कर ली हो। इस परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। तब प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू दोनों के अंकों को मिलाकर अंतिम चयन सूची तैयार की जाती है। इसी के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। आईआईएसईआर में प्रवेश के लिए एंट्रेंस एग्जाम लिया जाता है। इसे क्लीयर करने वाले आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इसके बाद रिटेन एग्जाम और इंटरव्यू में मिले अंकों के आधार पर चयन की अंतिम सूची बनेगी। प्रवेश इसी के आधार पर मिलेगा। कोर्स में साइंस से जुड़े विषयों के विकल्प होते हैं।

शोध है आधार
समाज के सामने पेश आने वाली विभिन्न समस्याओं का वैज्ञानिक हल निकालने के लिए प्रमुख आधार विज्ञान के क्षेत्र में किया जाने वाला शोध ही है। इसके जरिए ही पुरानी तकनीक ों की व्यावहारिकता पर दोबारा गौर किया जा सकता है और सुधार लाया जा सकता है।

कई हैं अवसर

रिसर्च प्रोफेशनल : विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों में पीएचडी करने वाले लोगों के पास अपने मूल सब्जेक्ट या इंटरडिसीप्लीनरी फील्ड्स में शोध के अवसर होते हैं। वे विभिन्न रिसर्च इंस्टीट्यूट्स में निकलने वाली साइंटिस्ट्स की पोस्ट्स के लिए भी आवेदन कर सकते हैं और पोस्ट डॉक्टरल करते हुए अलग शोध भी कर सकते हैं। रिसर्च प्रोफेशनल्स समय-समय पर अपने शोधपत्र भी निकालते रहते हैं। इस क्षेत्र में कई अच्छी भारतीय एवं विदेशी स्कॉलरशिप्स की सुविधा भी उपलब्ध हैं। इन स्कॉलरशिप्स को लेकर आप शोध से जुड़ी अपनी रुचि को आगे बढ़ा सकते हैं।

एकेडमिक कॅरियर : इंटीग्रेटेड पीएचडी करने के बाद आप एकेडमिक्स में भी अपने एि एक अच्छा कॅरियर तलाश सकते हैं। पीएचडी करने के बाद आप अपनी कमांड वाले सब्जेक्ट में प्रोफेसरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। कॉलेज में पढ़ाने के दौरान आप साथ-साथ पढ़ाई भी कर सकते हैं और नए-नए शोध भी। इस फील्ड में आप जीवनभर पढ़ाई कर सकते हैं। एकेडमिक कॅरियर में रहने वाले लोग समय-समय पर नए-नए विषयों पर शोधपत्र भी निकालते हैं। विज्ञान के शोध के फील्ड में वही सफल होते हैं, जिन्हें इसमें रुचि है।

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