शिक्षा

PM Internship Scheme: इंटर्नशिप योजना में नहीं दिख रहा युवाओं का रुझान, केवल 6 प्रतिशत छात्रों ने जॉइन की कंपनियां

PM Internship Scheme के पहले चरण में 3.38 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने प्रोफाइल और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की थी, जबकि दूसरे चरण में यह संख्या बढ़कर 3.46 लाख से ज्यादा हो गई।
2 min read
• •
Jul 25, 2025
PM Internship Scheme
PM Internship Scheme(Symbolic Image-Freepik)

PM Internship Scheme Offers Acceptance Rate: PM Internship Scheme को लेकर एक चौंकाने वाले आंकड़ें सामने आए हैं। PM Internship Scheme यानी PMIS के तहत 2024-25 में 1.53 लाख इंटर्नशिप ऑफर किए गए, लेकिन इनमें से केवल 6 प्रतिशत युवाओं ने ही कंपनियों को जॉइन किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी। सरकार द्वारा शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य आगामी पांच वर्षों में देश की शीर्ष 500 कंपनियों के साथ मिलकर एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप देने का है। इसका पायलट प्रोजेक्ट 3 अक्टूबर 2024 को शुरू किया गया था, जिसमें पहले साल के भीतर 1.25 लाख इंटर्नशिप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था।

PM Internship Scheme: पहले चरण का प्रदर्शन

पहले चरण के दौरान कंपनियों की ओर से 1.27 लाख से अधिक इंटर्नशिप ऑफर किए गए थे। इस चरण में 6.21 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया। पार्टनर कंपनियों ने करीब 60,000 छात्रों को 82,000 इंटर्नशिप ऑफर दिए, जिनमें से लगभग 28,000 ने प्रस्ताव स्वीकार किया। लेकिन इनमें से केवल 8,700 छात्र वास्तव में इंटर्नशिप पर शामिल हुए।

PM Internship Scheme: Second Phase: दूसरा चरण

दूसरा चरण 9 जनवरी 2025 को आरंभ हुआ। इसमें करीब 327 कंपनियों ने भाग लिया और देश के 735 जिलों में कुल 1.18 लाख से अधिक इंटर्नशिप के अवसर दिए। इस दौरान 2.14 लाख से ज्यादा इच्छुक अभ्यर्थियों से कुल 4.55 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। 17 जुलाई 2025 तक, कंपनियों ने 71,000 से अधिक इंटर्नशिप ऑफर जारी किए, जिनमें से 22,500 से ज्यादा ऑफर को स्वीकार किया जा चुका है। हालांकि, ऑफर भेजने और इंटर्न की जॉइनिंग की प्रक्रिया अब भी जारी है।

PM Internship Scheme: उम्मीदवारों की भागीदारी

PMIS के पहले चरण में 3.38 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने प्रोफाइल और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की थी, जबकि दूसरे चरण में यह संख्या बढ़कर 3.46 लाख से ज्यादा हो गई। यह योजना युवाओं को कॉर्पोरेट सेक्टर से जोड़ने की एक बड़ी पहल मानी जा रही है, लेकिन फिलहाल इसमें युवाओं की वास्तविक भागीदारी कम देखी जा रही है, जो आने वाले समय में सरकार और कंपनियों दोनों के लिए चुनौती हो सकती है।

Updated on:
25 Jul 2025 10:30 am
Published on:
25 Jul 2025 10:29 am