शिक्षा

आईआईटी-बॉम्बे के 56वें दीक्षांत समारोह में बोले पीएम, नवाचार-उद्यम भारत के विकास की कुंजी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शनिवार को कहा कि 21वीं सदी में नवाचार शब्द चर्चा में है और कोई भी समाज जो नवप्रवर्तन नहीं करता है, ठहर जाएगा।

2 min read
Aug 11, 2018
NaMo

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शनिवार को कहा कि 21वीं सदी में नवाचार शब्द चर्चा में है और कोई भी समाज जो नवप्रवर्तन नहीं करता है, ठहर जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्यम के साथ नवाचार, भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने और देश के दीर्घकालिक टिकाऊ, प्रौद्योगिकी नीत आर्थिक विकास के लिए मार्ग प्रशस्त करने का आधार होगा। मोदी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-बम्बई (आईआईटी-बम्बई) की हीरक जयंती के मौके पर 56वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत को अब यूनिकॉर्न स्टार्ट-अप (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्य) की नर्सरी के रूप में देखा जाता है, जिसके लिए देश में इस क्रांति की प्रतिभा का सबसे बड़ा स्रोत आईआईटी है। मोदी ने कहा, भारत स्टार्ट-अप के केंद्र के तौर पर विकसित हो रहा है, जो यहां नवाचारों की प्यास दिखाता है... भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप पारिस्थितिक तंत्र है, जिसमें 10,000 स्टार्ट-अप को वित्त पोषण के साथ पोषित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, हम लगातार दुनिया में नवाचार रैंकिंग में ऊपर चढ़ रहे हैं। हमें भारत को नवाचारों और उद्यमों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बनाने के लिए इस पर आगे और काम करना होगा। एक नए भारत के निर्माण के लिए नई प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि आईआईटी-बम्बई इस दिशा में काम कर रहे संस्थानों में से एक है और भविष्य में दुनिया का आकार तकनीकी नवाचारों द्वारा तय किया जाएगा।

आईआईटी को 'भारत के परिवर्तन के साधन' के रूप में बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका नई प्रौद्योगिकियों, जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉक चेन, मशीन लर्निंग और अन्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण हो जाती है, जो 'स्मार्ट विनिर्माण' सुनिश्चित करेगा और भविष्य की दुनिया को आकार देगी। मोदी ने कहा, यह केवल सरकारी प्रयासों के माध्यम से नहीं, बल्कि युवाओं द्वारा किया जाएगा... सर्वोत्तम विचार उनके दिमाग में आते हैं, न कि सरकारी इमारतों या आलीशान कार्यालयों में, बल्कि शैक्षिक परिसरों में आते हैं।

उन्होंने युवा आईआईटी स्नातकों से भारत में नवाचार करने की अपील की। उन्होंने मानवता के लिए नवप्रवर्तन- बेहतर कृषि उत्पादकता, जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, कुपोषण का मुकाबला, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों को व्यवस्थित कर जलवायु परिवर्तन से निपटने पर जोर दिया। मोदी ने विभिन्न श्रेणियों में आईआईटी-बम्बई के तीन शीर्ष प्रतिष्ठित विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए और 43 अन्य को रजत पदक प्रदान किए।

मोदी ने आईआईटी-बम्बई में ऊर्जा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग और पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी केंद्र की नई इमारत का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्पाल सी.वी. राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, आईआईटी-बम्बई के निदेशक मंडल के अध्यक्ष दिलीप संघवी, आईआईटी-बम्बई के निदेशक प्रोफेसर देवांग खाखर और अन्य मौजूद थे।

Published on:
11 Aug 2018 04:07 pm
Also Read
View All