घर में बच्चों का ध्यान रखना मूल रूप से मां का काम होता है। ऐसे में आप अपने बच्चों को बताएं कि उनका शरीर सुंदर है। हमें अपने शरीर से प्यार करना चाहिए।
Prachi Nigam Mother To Haters: 20 अप्रैल को यूपी बोर्ड द्वारा 10वीं और 12वीं परीक्षा के नतीजे जारी किए गए। इस वर्ष करीब 55 लाख छात्रों ने यूपी बोर्ड की परीक्षा दी थी। 10वीं कक्षा में प्राची निगम (UP 10th Board Topper Prachi Nigam) ने पूरे प्रदेश में टॉप किया। वहीं 12वीं कक्षा में शुभम वर्मा ने टॉप किया। टॉप होने की खबरें यूं तो खुशियां लेकर आती हैं। लेकिन प्राची निगम के साथ कुछ अलग हुआ। दूसरे बच्चों से अलग दिखने के कारण उन्हें और उनके पूरे परिवार को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
दरअसल, प्राची निगम (Prachi Nigam Trolling) के चेहरे पर अनचाहे बाल हैं। पढ़ाई में व्यस्त रहने वाली प्राची ने कभी अपने रूप रंग पर इतना ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब से रिजल्ट की घोषणा हुई है और अखबार व सोशल मीडिया पर प्राची निगम की तस्वीरें सामने आई हैं, तब से 10वीं कक्षा की टॉपर को ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ा है। ऐसे में उनके माता-पिता ने उन्हें सपोर्ट किया। ऐसे में आज हम जानेंगे ऐसे कुछ टिप्स जिसकी मदद से आप अपने बच्चों को ऐसी किसी ट्रोलिंग का शिकार होने से बचा सकते हैं।
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हाल ही में एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में प्राची निगम की मां (Prachi Nigam Mother) ने कहा कि हमें बच्चों की काबिलियत देखनी चाहिए। वहीं उनके पिता ने कहा कि जो बच्चे अच्छा करते हैं, हमें उनका हौंसला बढ़ाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया में कई प्रकार के लोग होते हैं और सभी लोग एक जैसे नहीं होते। कई लोगों की मानसिकता ठीक नहीं होती है।
घर में बच्चों का ध्यान रखना मूल रूप से मां का काम होता है। ऐसे में आप अपने बच्चों को बताएं कि उनका शरीर सुंदर है। हमें अपने शरीर से प्यार करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना भी मां की जिम्मेदारी (Mothers Responsibility) होती है कि शारीरिक बनावट के कारण घर पर कोई आपके बच्चे का मजाक न उड़ाए।
जब बच्चा बढ़ता है तो धीरे-धीरे उसके शरीर में कई बदलाव आते हैं जैसे कि आवाज में भारीपन, शरीर पर बाल आना, ये सब प्राकृतिक बदलाव होते हैं। ऐसे में मां की जिम्मेदारी (Mothers Responsibility) होती है कि वे अपने बच्चों को उनके शरीर में होने वाले बदलाव से अवगत कराएं। साथ ही अपने बच्चों की तुलना किसी और बच्चे से न करें। इसका बच्चों के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। अपने बच्चों को समझाएं कि शारीरिक सुंदरता से ज्यादा जरूरी है काबिलियत और मन का सुंदर होना।