टेक्निकल यूनिवर्सिटी से जुड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए एडमिशन प्रोसेस शुरू हो चुके हैं। विभिन्न कॉलेजों की 33 हजार सीटों के लिए रीप काउंसलिंग के जरिए लगभग 12,200 फॉर्म ही मिले हैं।
राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी से जुड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए एडमिशन प्रोसेस शुरू हो चुके हैं। राज्य भर के विभिन्न कॉलेजों की 33 हजार सीटों के लिए रीप काउंसलिंग के जरिए लगभग 12,200 फॉर्म ही मिले हैं। यह संख्या इस वर्ष सीटों की मुकाबले सबसे कम रही है। इस बार कुछ कॉलेजों के जीरो सेशन की घोषणा के बाद सीटों की संख्या में भी कमी आई है। पहले 95 कॉलेजों के लिए 39 हजार सीटें तय हुई थी, वहीं अब 86 कॉलेजों में 33 हजर सीटें ही रह गई हैं। अभी राजस्थान बाहर के स्टूडेंट्स की रिपोर्टिंग हो रही है।
काउंसलिंग के बाद स्पेशल राउंड होगा, इसके बाद कॉलेज डायरेक्ट एडमिशन भी कर सकेंगे। ऐसे में एडमिशन को लेकर कॉलेजों में अभी भी उम्मीद बनी हुई है। इस बार आरटीयू की ओर से कोर ब्रांचेज में नए कोर्स भी शुरू हुए हैं और उनको लेकर स्टूडेंट्स का रूझान सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है।
AI और डेटा साइंस की तरफ रूझान
प्राइवेट यूनिवर्सिटी और इंजीनियरिंग कॉलेजों के एक्सपर्ट्स ने बताया कि वर्तमान में स्मार्टफोन, इलेक्ट्रोनिक्स, ऑटोमोबाइल, रोबोटिक्स सहित सभी क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल देखा जा रहा है। ऐसे में इंडस्ट्री व एजुकेशनल सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व डेटा साइंस के विशेषज्ञों की डिमांड बढ़ गई है। विभिन्न कॉलेजों में सिविल व मैकेनिकल जैसी कोर ब्रांचेज के स्टूडेंट्स को भी एआई से जुड़े कोर्स करने के विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एआई के अलावा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी), मशीन लर्निंग, बिग डेटा, क्लाउड एवं रोबोटिक्स कोर्सेज कुछ अन्य प्रमुख विकल्प हैं।
पांच हजार सरकारी सीट
आरटीयू से मिली जानकारी के अनुसार इस बार राज्यभर में सरकारी कॉलेजों में लगभग पांच हजार सीटों पर एडमिशन किए जा रहे हैं। अभी स्टूडेंट्स देशभर की विभिन्न एनआईटीज में एडमिशन को लेकर गंभीरता बरत रहे हैं, क्योंकि अभी वहां एडमिशन शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में आरटीयू की सीटें भरने में कुछ समय लगेगा। एडमिशन सबसे ज्यादा प्राइवेट कॉलेजों में डायरेक्ट लेवल पर होता है। इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।