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अब क्लासरूम में पीएम मोदी का नेतृत्व और आरएसएस की विचारधारा पढ़ेंगे छात्र, सिलेबस में हुआ बड़ा बदलाव

MS University Vadodara: गुजरात की एमएस यूनिवर्सिटी आर्ट्स फैकल्टी के समाजशास्त्र विभाग ने पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। इस बदलाव के बाद स्टूडेंट्स अब क्लासरूम में मोदी तत्व और RSS की विचारधारा के बारे में पढ़ेंगे। बोर्ड ऑफ स्टडीज से भी इसे मंजूरी मिल गई है।

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भारत

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Mohsina Bano

May 04, 2026

Modi tattva MS university

MS University Vadodara (Image- ChatGPT)

MS University Syllabus: गुजरात के वडोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (एमएस यूनिवर्सिटी) के सिलेबस में एक बड़ा और अहम बदलाव किया गया है। यूनिवर्सिटी की आर्ट्स फैकल्टी ने सोशियोलॉजी के पाठ्यक्रम में कुछ नए विषय जोड़े हैं। अब स्टूडेंट्स क्लासरूम में सीधे तौर पर समकालीन सामाजिक और राजनीतिक विषयों की पढ़ाई करेंगे। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा 'मोदी तत्व' और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा वाले मॉड्यूल्स की हो रही है, जो समाजशास्त्र पढ़ाने के तरीके में एक बड़ा बदलाव है।

'मोदी तत्व' कोर्स में क्या पढ़ेंगे छात्र

नए शामिल किए गए 'मोदी तत्व' कोर्स का मुख्य फोकस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व, उनकी नेतृत्व क्षमता और काम करने के तरीके पर है। छात्र समाजशास्त्रीय नजरिए से उनके काम करने के ढंग, संचार कौशल और नीतियों के प्रभाव का अध्ययन करेंगे। इसके साथ ही 'मेक इन इंडिया' जैसी बड़ी पहलों और समाज पर उनके असर को भी इस कोर्स में शामिल किया गया है, जो छात्रों को नेतृत्व और विकास का एक समकालीन केस स्टडी उपलब्ध कराएगा।

RSS विचारधारा को भी किया गया शामिल

नए सिलेबस का दूसरा सबसे अहम हिस्सा आरएसएस का विस्तृत अध्ययन है। इसमें छात्रों को संघ की उत्पत्ति, इतिहास और सामाजिक सांस्कृतिक विकास में उसके योगदान के बारे में पढ़ाया जाएगा। विशेष सत्रों में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, पर्यावरण संरक्षण और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में संगठन की भूमिका जैसे विषयों पर फोकस किया जाएगा। इसके अलावा एनजीओ मैनेजमेंट के संदर्भ में आरएसएस की कार्यप्रणाली और ढांचे को भी समझाया जाएगा।

चार नए कोर्स को मिली मंजूरी

यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ स्टडीज ने कुल चार नए कोर्सेज को मंजूरी दी है, जिन्हें भारत की सामाजिक और बौद्धिक परंपराओं की गहरी समझ विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया है। 'लीडिंग पर्सनैलिटीज' नाम के एक सेक्शन में विनायक दामोदर सावरकर, श्री अरबिंदो और डॉ बी आर आंबेडकर जैसे महापुरुषों के दर्शन शामिल किए गए हैं। साथ ही इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज और सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय के शासन और सुधारों के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। राष्ट्रवाद पर केंद्रित एक अन्य मॉड्यूल भी है, जिसका उद्देश्य राष्ट्र और राज्य की अवधारणाओं को स्पष्ट करना है।

क्या कहा यूनिवर्सिटी प्रशासन ने

समाजशास्त्र विभाग के प्रमुख डॉ वीरेंद्रसिंह के मुताबिक, इस नए पाठ्यक्रम को इसलिए डिजाइन किया गया है ताकि छात्र वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक माहौल को बेहतर ढंग से समझ सकें। उन्होंने बताया कि नीति आयोग जैसे संस्थानों के साथ हालिया रिसर्च ने छात्रों को गवर्नेंस से जुड़े विषयों में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया है। ऐसे में इन विषयों को औपचारिक रूप से पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना एक स्वाभाविक कदम है।