शिक्षा

Success Mantra सॉफ्ट स्किल्स से मिल सकती है सफलता

Success Mantra अब बेसिक वर्किंग स्टाइल में बदलाव करके सॉफ्ट स्किल्स को हार्ड स्किल्स का रूप दिया जा रहा है। इससे एम्प्लॉई ऑफिस में अपने काम...

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Apr 18, 2018
Success Mantra

Success Mantra अब बेसिक वर्किंग स्टाइल में बदलाव करके सॉफ्ट स्किल्स को हार्ड स्किल्स का रूप दिया जा रहा है। इससे एम्प्लॉई ऑफिस में अपने काम के दौरान ही अपने हुनर में इजाफा करता है।

जरूरी है संपर्क
आधुनिक प्रोफेशनल मैनेजर अपनी टीम से उम्मीद करते हैं कि वह ज्यादा सक्रियता से काम करे और खुलकर अपनी बात को सामने रखे। अब एम्प्लॉइज को कम्यूनिकेशन को बेहतर बनाने, लोगों के साथ घुलने-मिलने और परस्पर संबंध मजबूत करने का हुनर सिखाया जा रहा है। आउटसोर्सिंग के बढ़ते चलने के कारण लगातार क्लाइंट के साथ संपर्क बनाए रखना जरूरी होता है और यह तभी संभव है, जब टीम की सॉफ्ट स्किल्स शानदार हों।

क्या है जरूरी Skills Develop
अब कंपनियां प्रमोशन, असेसमेंट, असाइनमेंट और बोनस के लिए व्यक्ति की सॉफ्ट स्किल्स भी देखने लगी हैं। कंपनी देखती है कि एम्प्लॉई अन्य लोगों के साथ कैसे काम करता है, आइडिया को कैसे विकसित करता है, उसका टाइम मैनेजमेंट कैसा है, वह वर्कप्लेस पर किस तरह का माहौल बनाकर रखता है।

सही हो प्रतिक्रिया
अगर आपकी सॉफ्ट स्किल्स मजबूत हैं तो आप अपनी प्रतिक्रिया को नियंत्रित कर सकते हैं। अगर आप किसी समस्या को सक्रियता से झेल सकते हैं तो कॅरियर में आपकी सफलता तय है। वह व्यक्ति को किसी काम की जिम्मेदारी लेता है और परेशानी आने पर भी मैदान में टिका रहता है, वही विजेता है।

जॉब्स : हर साल 81 लाख नौकरियों की जरूरत Sarkari Naukri
2025 तक हर महीने 18 लाख से अधिक लोग काम करने की उम्र में पहुंचेंगे।

साल में दो बार जारी होने वाली साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा, भारत ने अर्थव्यवस्था में सुधार करते हुए दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्र का दर्जा फिर से हासिल कर लिया है। विश्वबैंक ने कहा, भारत को अपनी रोजगार
दर बरकरार रखने के लिए
सालाना 81 लाख रोजगार पैदा करने की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार हर माह 13 लाख नए लोग रोजगार की कतार में आ जाते हैं।

जीएसटी के प्रभाव से उबरी
विश्वबैंक ने माना कि जीएसटी लागू होने से भारत में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई थी और इसका नकारात्मक असर पड़ा था। लेकिन अर्थव्यवस्था अब इससे उबर चुकी है और यह वित्तवर्ष 2019 में विकास दर को 7.4 फीसदी तक पहुंचाने में सहायक होगी।

Published on:
18 Apr 2018 09:30 am
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