
Success Story: सफलता का कोई मूल मंत्र नहीं होता ना ही कोई समय होता है। निरंतर प्रयास से सफलता पाना बहुत मुश्किल नहीं होता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भारतीय युवा की कहानी खूब चर्चा में है। वजह साफ है संघर्ष, असफलता और फिर उम्मीद से कहीं बेहतर सफलता। यह कहानी किसी बड़े आईआईटी या टॉप कॉलेज से निकले छात्र की नहीं, बल्कि एक ऐसे लड़के की है जो जेईई जैसी परीक्षा में फेल हुआ, पढ़ाई में लगातार गिरता चला गया, बीमारियों और डिप्रेशन से जूझा, लेकिन आखिरकार 21 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी तक पहुंच गया।
यह पूरा किस्सा एक रेडिट यूजर ने अपने पोस्ट के जरिए साझा किया है। यूजर के मुताबिक, वह शुरू से ही पढ़ाई में कोई असाधारण छात्र नहीं था। स्कूल में वह खुद को एक इंट्रोवर्ट और औसत स्टूडेंट बताता है। 10वीं में उसके 92 फीसदी नंबर आए, लेकिन इसके बाद चीजें बिगड़ने लगीं। 12वीं में उसके सिर्फ 72 फीसदी आए और जेईई मेन में करीब 6 लाख रैंक मिली। राज्य स्तर की जेईई परीक्षा में भी वह काफी पीछे रह गया।
इसके बाद उसने बीएससी मैथ्स में एडमिशन ले लिया, लेकिन कॉलेज अच्छा नहीं मिला। हालात इतने बिगड़े कि पहले सेमेस्टर में वह सभी विषयों में फेल हो गया। इसी बीच कोविड का दौर आया और मानसिक हालत और ज्यादा खराब हो गई। उसने बताया कि वह डिप्रेशन में चला गया था। पढ़ाई के साथ-साथ सेहत ने भी जवाब देना शुरू कर दिया। रेडिट पोस्ट में यूजर ने लिखा कि कोविड के समय उसे किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी का पता चला। हाइड्रोनेफ्रोसिस और क्रॉनिक किडनी डिजीज के साथ-साथ विटामिन डी की कमी और कम बीएमआई ने उसकी हालत और मुश्किल बना दी। उसके शब्दों में, 2022-23 का समय उसकी जिंदगी का सबसे अंधेरा दौर था। पैसे नहीं थे, भविष्य की कोई उम्मीद नजर नहीं आती थी।
हालांकि, अगस्त 2023 से चीजें धीरे-धीरे बदलने लगीं। उसे पहली बार एक पार्ट-टाइम नौकरी मिली, जिससे वह महीने के करीब 7 हजार रुपये कमाने लगा। इसके बाद उसने फ्रीलांस काम भी किया और फिर 6 लाख रुपये सालाना पैकेज की नौकरी हासिल की। लेकिन किस्मत ने फिर झटका दिया। सिर्फ पांच महीने बाद 2024 में उसे उस नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी। उसी साल उसने यूनिवर्सिटी की आखिरी परीक्षा दी और आखिरकार अपनी डिग्री पूरी की। अक्टूबर में उसे एक और नौकरी मिली, इस बार 7 लाख रुपये सालाना पैकेज पर। लेकिन वह यहीं रुकना नहीं चाहता था। उसने तैयारी जारी रखी, इंटरव्यू देता रहा और खुद को बेहतर बनाने में लगा रहा। इस दौरान उसने कोडिंग सीखी, जिससे उसे नौकरी पाने में काफी सफलता हासिल हुई।
यूजर के मुताबिक, अक्टूबर 2025 तक उसे मिड-लेवल स्टार्टअप्स से दो ऑफर मिले। इनमें से एक कंपनी में उसने 21 लाख रुपये सालाना बेस सैलरी के साथ जॉइन किया, साथ में ESOPs भी मिले। पोस्ट के आखिर में उसने लिखा कि हाल ही में वह 25 साल का हुआ है। उसे लगता है कि जहां से उसने शुरुआत की थी, वहां के मुकाबले आज वह कहीं ज्यादा बेहतर और खुशहाल जगह पर है। सफर अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन अब हालात पहले से कहीं अच्छे हैं।