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Good News: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के इस मेडिकल कॉलेज को दिया निर्देश, कहा- MBBS छात्रों में भेदभाव कैसा

कुछ डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि कुछ मेडिकल कॉलेज विदेश मेडिकल ग्रेजुएट्स को भारतीय मेडिकल ग्रेजुएट्स के समान स्टाइपेंड नहीं दे रहे हैं। वहीं इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है। जानिए, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा-
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Updated: 3 Apr 2024, 1:36 PM IST
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Supreme Court On Medical Internship

Supreme Court On Medical Internship Stipend: मेडिकल क्षेत्र से जुड़े ऐसे छात्र जो विदेश में MBBS करना चाहते हैं, उनके लिए काम की खबर है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मेडिकल इंटर्नशिप (Medical Internship) मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि विदेश से मेडिकल (MBBS) की पढ़ाई करने वाले लोगों के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता।


सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि यदि विदेश से MBBS करने वाले छात्र भारत में मेडिकल इंटर्नशिप (Medical Internship) करते हैं तो उन्हें भी उतना ही स्टाइपेंड मिलना चाहिए जितना उनके अन्य साथियों को मिल रहा है। विदेश से एबीबीएस (MBBS In Abroad) की पढ़ाई करने वालों छात्रों के साथ अलग व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।


दरअसल, कुछ डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि कुछ मेडिकल कॉलेज विदेश मेडिकल ग्रेजुएट्स को भारतीय मेडिकल ग्रेजुएट्स के समान स्टाइपेंड नहीं दे रहे हैं। इन डॉक्टरों का पक्ष अदालत में वकील तन्वी दुबे रख रही थीं, जिस पर जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस प्रसन्ना भालचंद्र वराले की बेंच ने फैसला सुनाया।


सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से तीन कॉलेजों का ब्यौरा मांगा। इन कॉलेजों में विदेशी चिकित्सा स्नातकों को ‘मानदेय’ के भुगतान की जानकारी मांगी गई। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी सरकारी मेडिकल कॉलेज, विदिशा (एमपी), डॉ लक्ष्मीनारायण पांडेय सरकारी मेडिकल कॉलेज, रतलाम (एमपी) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम मेडिकल कॉलेज, अलवर (राजस्थान) कॉलेजों के नाम शामिल हैं।


सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि भारतीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किए छात्रों और विदेश से एमबीबीएस किए छात्रों को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता। अदालत ने मेडिकल कॉलेजों (Medical College) को आदेश दिया है कि स्टाइपेंड दिया जाए। अगर कोई कॉलेज सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर अमल नहीं करता तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


बता दें, NMC ने NEET PG की परीक्षाओं को लेकर नोटिस जारी कर दिया है। नीट-पीजी की परीक्षा 23 जून को होगी और 15 जुलाई को रिजल्ट घोषित किया जाएगा। NMC द्वारा जारी नोटिस में यह भी कहा गया कि नीट-पीजी में एडमिशन पाने के लिए इंटर्नशिप पात्रता को पूरा करना जरूरी है।

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3 Apr 2024, 1:36 PM IST
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