नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) 2023 की तैयारी कर रहे मेडिकल छात्रों के लिए अच्छी खबर है। भारत में अब एमबीबीएस की सीटें 1 लाख से अधिक हो गयी हैं। तेलंगाना के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों को शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से कक्षाएं शुरू करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा अनुमति दी गई है।
MBBS: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) 2023 की तैयारी कर रहे मेडिकल छात्रों के लिए अच्छी खबर है। तेलंगाना के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों को शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से कक्षाएं शुरू करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा अनुमति दी गई है। तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री टी. हरीश राव ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि निर्मल, करीमनगर और सिरसिला मेडिकल कॉलेजों के लिए मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। हाल के वर्षों में, मेडिकल स्कूल के स्नातकों के लिए उपलब्ध सीटों की संख्या में वृद्धि हुई है, इस वर्ष नए कॉलेजों के लिए 100-100 नई सीटों को मंजूरी दी गई है। यह वृद्धि देश में सरकारी और निजी कॉलेजों की संख्या में भी वृद्धि के कारण हुई है। इसके अलावा आपको बता दे नीट यूजी 2023 परीक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल 2023 को बंद हो गई है। परीक्षा मई के पहले सप्ताह में आयोजित कराए जाने की संभावना है।
एमबीबीएस की सीटें हुई 1 लाख से अधिक
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की ओर से छात्रों के लिए नए मेडिकल कॉलेजों में 100-100 एमबीबीएस सीटें स्वीकृत की गई हैं। भारत में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 1,03,783 सीटें उपलब्ध हैं। पिछले शैक्षणिक वर्ष से यह संख्या 3,073 बढ़ गई है। इसका मतलब है कि 53,000 से अधिक उम्मीदवारों के पास नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने का मौका होगा। इसके अलावा, निजी कॉलेजों में अतिरिक्त 48,300 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं।
इन मेडिकल कॉलेजों को पहले ही मिल चुकी है परमिशन
मंत्री हरीश राव की ओर से ट्वीट किया गया कि, यह साझा करने में खुशी हो रही है कि इस साल शुरू होने वाले 9 मेडिकल कॉलेजों में से 6 मेडिकल कॉलेजों को पहले ही अनुमति मिल चुकी है, यानी, जनगांव, आसिफाबाद, कामारेड्डी, खम्मम, विकाराबाद, भूपालपल्ली। निर्मल, करीमनगर और सिरसिला मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। मंत्री ने आगे कहा कि तेलंगाना सरकार मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के "आरोग्य तेलंगाना" के दृष्टिकोण की दिशा में प्रति जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
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