Toughest Exams in Asia: भारत के NEET और UPSC से भी ज्यादा खतरनाक हैं ये परीक्षाएं, परीक्षा के दिन पूरे देश में रुक जाती हैं हवाई उड़ानें। जानिए एशिया की सबसे कठिन एग्जाम्स कौनसी हैं?
Toughest Exams in Asia: एशिया के कई देशों में लाखों स्टूडेंट्स के लिए सिर्फ एक परीक्षा उनका पूरा भविष्य कर सकती है। यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना हो, स्कॉलरशिप पानी हो, या फिर बेहतरीन करियर बनाना हो सब कुछ इन्ही नेशनल लेवल के एग्जाम्स पर टिका होता है। इंडोनेशिया से लेकर मलेशिया और चीन तक इन परीक्षाओं को पास करना बहुत मुश्किल माना जाता है। स्टूडेंट्स को कई घंटों तक पढ़ाई करनी पड़ती है और उन पर बहुत ज्यादा तनाव रहता है। हर देश का एजुकेशन सिस्टम भले ही अलग हो लेकिन इन सभी में एक बात समान है कि एक रिजल्ट आपकी जिंदगी की दिशा तय कर देता है।
ज्यादातर एशियाई देशों में टॉप यूनिवर्सिटी और सरकारी संस्थानों में एडमिशन इन्ही नेशनल एग्जाम्स के अंकों के आधार पर होता है। कुछ लोगों का मानना है कि, इससे सभी बच्चों को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलता है। वहीं कई लोगों का कहना है कि यह सिस्टम बच्चों पर बहुत ज्यादा तनाव डालता है और उन्हें सालों तक सिर्फ परीक्षा की तैयारी करने वाली मशीन बना देता है। इसी भारी तनाव और परेशानी को देखते हुए अब कई देशों ने अपने परीक्षा के तरीकों में कुछ बदलाव भी किए हैं।
भले ही चीन और दक्षिण कोरिया तकनीकी रूप से दक्षिण पूर्व एशिया का हिस्सा नहीं हैं लेकिन वहां के एग्जाम सिस्टम का असर इस पूरे इलाके के एजुकेशन कल्चर पर साफ दिखाई देता है। चीन के गाओकाओ एग्जाम सिस्टम को कई देश अपने एंट्रेंस सिस्टम का मॉडल बनाने के लिए स्टडी करते हैं। वहीं, दक्षिण कोरिया का सूनुंग एग्जाम अपनी सख्त तैयारी के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। इस परीक्षा के दिन देश में एक अलग ही माहौल होता है। लिसनिंग टेस्ट के दौरान आवाज न हो इसके लिए उड़ानों में देरी की जाती है दफ्तर देर से खुलते हैं और पूरा देश उस दिन सिर्फ परीक्षा देने वाले बच्चों की सुविधा का ध्यान रखता है।