जारी नए निर्देश 2019 के दिशानिर्देशों की जगह लेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थान जो 20 वर्ष से कम पुराने हैं, वे अब डीम्ड विश्वविद्यालय के दर्जे के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे।
डीम्ड यूनिवर्सिटी के लिए नए संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए है। नए दिशा -निर्देश केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा जारी किए गए है। जारी नए निर्देश 2019 के दिशानिर्देशों की जगह लेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थान जो 20 वर्ष से कम पुराने हैं, वे अब डीम्ड विश्वविद्यालय के दर्जे के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। दिशानिर्देशों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप संशोधित किया गया है। अधिक गुणवत्ता-केंद्रित डीम्ड विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए क्राइटेरिया को सरल बनाकर डीम्ड का दर्जा प्राप्त करने के लिए मौजूदा उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए संशोधित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा निर्देश जारी किए है। इस मौके पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विश्वविद्यालय संस्थान 2023 से गुणवत्ता केंद्रित डीम्ड यूनिवर्सिटी के निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के साथ समय पर किए गए सुधार के लिए यूजीसी की प्रशंसा की।
अभी कितनी है कुल संख्या ?
देश में करीब 170 डीम्ड संस्थान हैं। जिन अन्य मानदंडों में बदलाव किया है। उनमें फैकल्टी की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गई है। कॉर्पस फंड 10 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ कर दिया गया है। संशोधित दिशानिर्देशों में डीम्ड विश्वविद्यालयों के लिए एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स में पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा, संबंधित साल के एनआईआरएफ रैंकिंग की विश्वविद्यालय श्रेणी में न्यूनतम ए ग्रेड और उससे ऊपर की रैंक वाले डीम्ड विश्वविद्यालय ऑफ कैंपस केंद्र स्थापित करने के लिए पात्र हैं।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा
इस अवसर पर बोलते हुए, प्रधान ने कहा कि संशोधित दिशानिर्देश कई और गुणवत्ता-केंद्रीय विश्वविद्यालयों को पारदर्शी तरीके से डीम्ड विश्वविद्यालय बनाने की सुविधा प्रदान करेंगे। "नए सरलीकृत दिशानिर्देश विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता और उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित करने, रिसर्च डेवलपमेंट तंत्र को मजबूत करने और हमारे उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने में सहयोग करेंगे।
UGC चेयरमैन, जगदीश कुमार ने कहा
यूजीसी के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा कि 2023 के दिशा निर्देश एनईपी 2020 के अनुरूप हैं और सरल भी है। हमें उम्मीद है कि ये नियम हमारे स्टूडेंट्स की एजुकेशन डिमांड को पूरा करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षा संस्थानों को स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित और मदद करेंगे।