भारत के विश्वविद्यालयों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप व असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए यूजीसी-नेट पास करना अनिवार्य है। क्या आप जानते हैं यूजीसी नेट क्या है?
UGC-NET 2024: भारत के विश्वविद्यालयों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप व असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए यूजीसी-नेट पास करना अनिवार्य है। यूजीसी नेट की परीक्षा साल में दो बार होती है- जून और दिसंबर। यदि आप भी नेट देना चाहते हैं तो प्रोग्राम के बारे में विस्तार से जानना बहुत जरूरी है।
यूजीसी नेट (National Eligibility Test) को राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा कहा जाता है। इस परीक्षा के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग आवेदन करते हैं। परीक्षा पास होने के बाद आपको पीएचडी करने का मौका मिलता है, जिसके बाद आप विश्वविद्यालय के छात्रों को पढ़ा सकते हैं। NTA (National Testing Agency) द्वारा साल में दो बार NET की परीक्षा आयोजित की जाती है।
बता दें, यूजीसी नेट परीक्षा 6 दिसंबर से 22 दिसंबर 2023 के बीच आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में 9 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। यह परीक्षा 83 विषयों के लिए हुई थी। वहीं अब जून वाली परीक्षा के लिए कुछ ही दिनों में नोटिफिकेशन जारी होंगे। UGC NET संबंधित किसी भी तरह की जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.ac.in पर जाएं।
नेट परीक्षा देने के लिए आपके पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पीजी (Post Graduation) में न्यूनतम 55% की डिग्री होनी चाहिए। यदि आपको नेट पास करने के बाद जूनियर रिसर्च फेलोशिप करना है तो इसके लिए अधिकतम उम्र सीमा 30 वर्ष है। हालांकि, एससी/एसटी, ओबीसी (नॉन क्रीमीलेयर), महिलाओं और ट्रांसजेंडर के लिए अधिकतम उम्र सीमा 35 वर्ष है।
साथ ही LLM कर रहे उम्मीदवार, एक्स आर्मी मैन और रिसर्च के उम्मीदवारों के लिए भी उम्र सीमा में छूट है। यदि किसी उम्मीदवार को नेट पास करने के बाद सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर बनना है तो उसके लिए कोई उम्र सीमा नहीं है। किसी भी उम्र तक नेट परीक्षा दी जा सकती है।