
तेलंगाना विधानसभा के दौरान भारतीय जनता पार्टी को लगातार झटका लग रहा है। दरअसल, पूर्व सांसद विवेक वेंकटस्वामी ने भारतीय जनता पार्टी को तगड़ा झटका देते हुए बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल हो गये। वेंकटस्वामी ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जी. किशन रेड्डी को अपने इस्तीफे का पत्र भेज दिया और इसके बाद उन्होंने उसे मीडिया पर साझा कर दिया। उन्होंने भाजपा में रहने के दौरान मिले समर्थन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल
भाजपा से इस्तीफा देने के बाद विवेशन ने शमशाबाद हवाई अड्डा के पास निजी होटल में आयोजित समारोह में कांग्रेस का दामन थाम लिया। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर राहुल गांधी ने वेंकटस्वामी और उनके पुत्र वामशी को पार्टी का दुपट्टा पहनाया।
कांग्रेस ही BRS को चुनौती देने में सक्षम
कार्यक्रम के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि वेंकटस्वामी के कांग्रेस में आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और पार्टी सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को चुनौती देने सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी।
बीआरएस को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस में आया- वेंकटस्वामी
वहीं, वेंकटस्वामी ने तेलंगाना के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रहने के लिए बीआरएस की आलोचना की और आरोप लगाया कि पार्टी के कार्य केसीआर के परिवार के हित सीमित हो गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में शामिल होने का उनका निर्णय बीआरएस को हटाने सत्ता से हटाने के लिए है।
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