पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर खुद को रोके जाने को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए बोले-एक आदमी से इतना डर, अभी तो योगी के खिलाफ सिर्फ ताल ठोंकी है।
लखनऊ. जबरन रिटायर किये गए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को उनकी प्रस्तावित गोरखपुर यात्रा पर जाने से रोक दिया गया है। उन्हें एक तरह से हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। जिस घर में वो थे उसके बाहर का पहरा लगा दिया गया है। इसका लेकर अमिताभ ठाकुर ने सुबह सबसे पहले ट्वीट कर कहा कि घेरेबंदी शुरू हो गई। बाद में वीडियो जारी कर खुद को रोके जाने को लोकतंत्र की हत्या बताया और निशाना साधते हुए कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ जी मेरे गोरखपुर दौरे से डर गए हैं। अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर अपनी 21 और 22 अगस्त की पस्तावित गोरखपुर अयोध्या यात्रा को निरस्त किये जाने की जानकारी दी है।
अमिताभ ठाकुर ने ऐलान किया था कि वह 21 अगस्त को गोरखपुर और 22 अगस्त को अयोध्या जाएंगे। शनिवार को लखनऊ से निकलकर बस्ती, खलीलाबाद और गोरखपुर में अपने कार्यकर्ताओं से मिलने वाले थे। इस दौरान उनका गोरखनाथ मंदिर में दर्शन का भी कार्यक्रम था। अपने ऐलान के कुछ ही देर बाद उन्होंने गोरखपुर और बस्ती में कार्यक्रम आयोजित कराने वालों को परेशान किये जाने का आरोप लगाया था।
शनिवार की सुबह यात्रा से ठीक पहले उनके घर के नजदीक स्थित रेल विहार कालोनी में उनके मित्र के यहां गोमती नगर एसीपी श्वेता श्रीवास्तव पुलिस टीम के सथ पहुंच गईं और उन्हें वहीं रोक दिया गया और उस घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। अमिताभी ठाकुर ने ट्वीट कर बताया कि उन्हें गोरखपुर जाने से रोक दिया गया है। दोपहर बाद उन्होंने ट्वीट कर उनका कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कराने वलों से पुलिस द्वारा कड़ी पूछताछ करने का आरोप लगाया।
उधर इसय मामले में एसीपी श्वेता श्रीवास्तव ने मीडिया से कहा अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। घोसी के सांसद अतुल राय पर रेप का आरोप लगाने वाली युवती और उसके साथी ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह की कोशशि की थी। अमिताभ ठाकुर पर आरोपी सांसद की मदद करने का आरोप भी लगाया था। महिलाओं में इसको लकर नाराजगी है। सांसद भी गोरखपुर के करीब के ही रहने वाले हैं इसी लिये उन्हें रेाका गया है।