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MP Election Result 2023: CM बनने के लिए जोर आजमाइश शुरु, इन नेताओं ने ठोका दांव

MP Election Result 2023: मप्र में चुनाव जीतने के बाद भाजपा के कई नेताओं ने अपरोक्ष रुप से मुख्यमंत्री पद के लिए अपना-अपना दावा ठोका है।
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 MP Election Result 2023: Efforts to become CM begin, these leaders stake their betsMP Election Result 2023: मप्र में चुनाव जीतने के बाद  भाजपा के कई नेताओं ने अपरोक्ष रुप से मुख्यमंत्री पद के लिए अपना-अपना दावा ठोका है।

लगातार चौथी बार विधानसभा चुनाव जीतकर भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश को अपना अभेद किला बना दिया है। सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक विपक्ष के नेता दावा कर रहे थे कि भाजपा मप्र में चुनाव हार रही है। जैसे-जैसे चुनाव के नतीजे सामने आने लगे ये सारी बाती झूठ साबित होने लगी। वहीं, इस चुनाव के बाद सूबे में एक फिर से मुख्यमंत्री को बदलने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, भाजपा के कई नेताओं ने अपरोक्ष रुप से मुख्यमंत्री पद के लिए अपना-अपना दावा ठोंका है। आइए जानते है कौन नेता बन सकते हैं मुख्यमंत्री।


1 शिवराज सिंह चौहान
मप्र में मुख्यमंत्री बनने के रेस में सबसे आगे कोई नेता है तो वह हैं सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान। 2003 से बिधूनी से लगातार विधायक होने के साथ ही सूबे के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।

2 कैलाश विजयवर्गीय

मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के रेस में शिवराज सिंह चौहान के बाद जो नाम सबसे आगे है वो इंदौर के पूर्व मेयर और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय। इंदौर-1 से विधायक बने कैलाश ने मीडिया से बात करते हुए इस बात का संकेत भी दिया।


3 नरेंद्र सिंह तोमर

केंद्रीय कृषी मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम भी मुख्यमंत्री के रेस में है। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है उनकी संगठन में पकड़। इसके अलावा केंद्रीय नेतृत्व का विश्ववासपात्र होना।


4 बी डी शर्मा

वहीं, मुख्यमंत्री के रेस में एक नाम ऐसा भी है जो उनके समर्थकों द्वारा बार-बार उठाया जाता है। बीडी शर्मा वर्तमान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ ही संगठन में स्वीकार्य है। लेकिन इसके खिलाफ जो एक बात जाती है वो ये है कि ये ब्राह्मण जाती से आते हैं।

5 ज्योतिरादित्य सिंधिया

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी सीएम के रेस में है। इसके पीछे कारण माना जाता है कि सिंधिया ने ही 2020 में कमलनाथ से अपना समर्थन वापस ले लिया था। जिस कारण से कांग्रेस के हाथ से सत्ता छूट गई थी। वहीं, जानकार मानते है कि भाजपा ने इन्हें मुख्यमंत्री बनाकर अपना एहसान चुकाना चाहती है।

Published on:
03 Dec 2023 05:02 pm