कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेठी पहुंच चुके हैं। वह यहां भाजपा हटाओ महंगाई भगाओ पदयात्रा में शामिल होंगे। उनके साथ कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा भी हैं। राहुल के आगमन से कांग्रेस कार्यकर्ता भी उत्साहित नजर आए।
अमेठी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी अमेठी पहुंच चुके हैं। वह यहां भाजपा हटाओ महंगाई भगाओ पदयात्रा में शामिल होंगे। उनके साथ कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा भी हैं। राहुल के आगमन से कांग्रेस कार्यकर्ता भी उत्साहित नजर आए। राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले प्रियंका मेरे पास आई और उसने मुझसे कहा कि लखनऊ चलो। मैंने उससे कहा कि लखनऊ जाने से पहले मैं अपने घर जाना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि अमेठी मेरा घर है। यहां से मेरा पारिवारिक रिश्ता है। 2004 में मैं राजनीति में आया और पहला चुनाव यहां से लड़ा। आपने मुझे राजनीति सिखाई। मैं आपको धन्यवाद करता हूं।
बेरोजगारी और महंगाई देश के दो सबसे बड़े सवाल
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश के सामने बेरोजगारी और महंगाई दो बड़े सवाल हैं। इन सवालों का जवाब न मुख्यमंत्री देते हैं ना प्रधानमंत्री। अभी कुछ दिन पहले देखा कि प्रधानमंत्री गंगाजी में स्नान कर रहे हैं। मगर प्रधानमंत्री यह नहीं कह सकते कि देश में रोजगार क्यों नहीं पैदा हो रहा है? हमारे देश में युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा? दूसरा सवाल है कि इतनी तेजी से महंगाई क्यों बढ़ती जा रही है? नरेंद्र मोदी इन सवालों का जवाब आपको नहीं देंगे इसलिए मैं आपको इसका जवाब दे रहा हूं। इस देश को छोटे बिजनेस वाले मिडिल क्लास दुकानदार रोजगार देते हैं। उस पर नरेंद्र मोदी ने पहले नोटबंदी कर हमला कर दिया। फिर जीएसटी लागू कर दी। इसके बाद कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने के बाद कोई सहायता न देकर की है। इसलिए देश में महंगाई और बेरोजगारी दोनों बढ़ रही है।
शहीद किसानों के लिए कुछ नहीं किया
राहुल गांधी ने आगे कहा, 'पहले नरेंद्र मोदी तीन काले कानून लाए। ये वो तीन कानून हैं जो किसानों के हित के लिए बनाए गए हैं। एक साल बाद नरेंद्र मोदी ने कहा कि गलती हो गई। हमने पूछा कि 700 किसान शहीद हुए उनको मुआवजा मिला? उन्होंने कहा कि किसी किसान की मौत नहीं हुई। पंजाब सरकार ने 400 किसानों को मुआवजा किया।'
राहुल ने कहा कि पीएम ने कृषि कानून खरीदा और कहा, इससे किसानों को फायदा होने वाला है। एक साल बाद जब सभी किसान एक साथ कानूनों के खिलाफ खड़े हुए तो पीएम को माफी मांगनी पड़ी। हमने विरोध में मारे गए किसानों के मुआवजे के बारे में सवाल किया, उन्होंने कहा कि विरोध में किसी किसान की मृत्यु नहीं हुई।