Uttar Pradesh Assembly Elections 2022 को लेकर प्रदेश के नेताओं की बयानबाजी तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा है। एक दिन पहले जहां पीएम मोदी ने सपाजनों को लाल टोपी वाला कहते हुए उनको लेकर यूपी में रेड अलर्ट कहा तो बुधवार को सुभासपा अध्यक्ष कहां पीछे रहने वाले, उन्होंने वाराणसी में पीएम-सीएम को जोड़ते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं को लेकर विवादित बयान दे डाला।
वाराणसी. Uttar Pradesh Assembly Elections 2022 को लेकर अभी दो-तीन महीने शेष हैं। लेकिन राजनीतिक दलों ने सियासी मैदान में ताल ठोंकनी शुरू कर दी है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा है। कब कौन किसे क्या कह देगा इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है। अब मंगलवार को गोरखपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा का नाम लिए बगैर उन्हें लाल टोपी वाला कहते हुए यूपी में रेड अलर्ट तक कह दिया तो इस चुनाव में सपा से गठबंधन करने वाले सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के बोल बुधवार को वाराणसी की एक सभा में बिगड़ गए।
बनारस के हटिया गांव में सुभासपा की ओर से आयोजित सरदार वल्लभ भाई पटेल एकता समारोह को संबोधित करते हुए ओपी राजभर ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीए आदित्यनाथ योगी समर्थकों, कार्यकर्ताओं को सांड कह दिया। उन्होने कहा कि यूपी के किसानों को हम मोदी और योगी के सांडों से छुटकारा दिलाने की लड़ाई लड़ रहे है। मोदी और योगी के सांड इन दिनों किसानों की फसल तबाह कर रहे हैं। हमें उनके साडों से किसानों को बचाना है। राजभर इतने पर ही नहीं रुके, भाजपा के लोगों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन सबको केवल पाकिस्तान, मुसलमान, कब्रिस्तान जैसी चीजें ही दिखाई देती हैं। गरीब, किसान, नौजवान और मजदूर को जैसे जीना हो जिएं।
काशी विश्वनाथ धाम के 13 दिसंबर को प्रस्तावित लोकार्पण को लेकर राजभर न कहा कि देश में गरीबों को रोटी, कपड़ा, मकान और शिक्षा चाहिए। उसके बाद ही वो भगवान को भजेंगे। उन्होंने इससे संबंधित एक पुराना मुहावरा भी सुनाया, कहा, 'भूखे भजन न होय गोपाला...।' उन्होंने कहा कि विश्वनाथ धाम (विश्वनाथ कॉरिडोर) क निर्माण से गरीबों का कोई भला नही होने वाला।
सुभासपा नेता ने कहा कि हमारी लड़ाई प्रदेश में जातिवार जनगणना को लेकर है। इसके अलावा घरेलू बिजली बिल माफी, गरीबों के मुफ्त इलाज, किसान को खाद-बीज की उपलब्धता, सामाजिक न्याय समिति कि रिपोर्ट लागू कराने तथा सूबे में भाईचारा कायम कराने को लेकर हम संघर्षरत हैं। इस लिहाज से ये जरूरी है कि प्रदेश में सपा और सुभासपा गठबंधन वाली सरकार बने।
पूर्व मंत्री राजभर ने विश्वनाथ धाम लोकार्पण को लेकर मैदागिन से ज्ञानवापी तक के भवनों को एकरूपता देने के चक्कर में एक समुदाय विशेष के भवन को गेरुआ रंग में रंगे जाने के विरोध पर भाजपा नेता और प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर के बयान पर भी निशाना साधा। कहा कि उन नेता जी से महंगाई पर बात करेंगे तो उनकी बोलती बंद हो जाएगी। कहा कि उन्होंने राजभर समाज को आरक्षण दिलाने का वादा किया था जो अब तक पूरा नहीं हो सका।