Uttar Pradesh Assembly Election 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के सातवें चरण का चुनाव प्रचार खत्म हो गया है। 7 मार्च को वोटिंग होगी। इस चरण में 9 जिलों की 54 विधानसभा सीटों पर वोट पड़ेंगे। 613 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।
7 फरवरी को पीएम नरेंद्र मोदी ने बिजनौर में पहली फिजिकल चुनावी रैली की थी। हालांकि, अंत समय में यह रद हो गयी। फिर इसे उन्होनें वर्चुअल संबोधित किया। इस रैली में पीएम मोदी ने दुष्यंत की कविता से सपा को घेरा, कहा- मुझे मालूम है पानी कहां ठहरा हुआ होगा। पीएम मोदी की अंतिम चुनावी रैली वाराणसी के मिर्जा मुराद में की। यहां उन्होंने जनता की मुरादें पूरी करने की बात दोहरायी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सातवें चरण का प्रचार शनिवार को समाप्त हो गया।
इस चरण में 9 जिलों की 54 विधानसभा सीटों पर 7 मार्च को वोटिंग होनी है। प्रचार के अंतिम दौर में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा को फिर से यूपी में मजबूत करने के लिए जनता के आगे झोली फैलाई तो प्रियंका गांधी ने जौनपुर में बदलाव की शुरुआत बताते हुए अहंकारियों को सबक सिखाने का आह्वान किया। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भाजपा को ढोंगी और धोखेबाज़ करार दिया। वाराणसी में पीएम मोदी ने कहा कि यूपी को स्टेबिलिटी और कंटीन्यूटी भी चाहिए। इस चुनाव में मेरी आखिरी जनसभा है। उत्तर प्रदेश का ऐसा चुनाव कभी यहां किसी ने नहीं देखा होगा। भाजपा की सरकार बनी तो सबकी मुरादें पूरी होंगी।
पीएम मोदी की प्रतिष्ठा का सवाल
वाराणसी में पीएम मोदी की प्रतिष्ठा दांव पर है। अंतिम चरण में पीएम मोदी की संसदीय सीट वाराणसी में भी वोटिंग होनी है। वाराणसी में कुल 8 विधानसभा सीटें हैं। पीएम वाराणसी में 8 बार आ चुके हैं। कभी रोड शो तो कभी काशी विश्वनाथ दर्शन, कभी रैली, तो कभी किसी योजना के लोकार्पण के लिए। मोदी के दौरों से साफ है कि, उनके क्षेत्र में सीटों का कम होने का क्या असर हो सकता है। प्रचार के अंतिम दिन मोदी ने नमक हलाली और नमक का कजऱ् जैसी बातें करते हुए भावुक होकर पार्टी के लिए वोट मांगे।
प्रियंका गांधी का बदलाव का महाभियान
प्रियंका गांधी ने जौनपुर रोड शो में कहाकि, सातवें चरण के प्रचार रुकेगा पर बदलाव का महाभियान अब शुरू हुआ है। इसे रोकने वाला कोई नहीं। जो बार बार आपको इमोशनल ब्लैकमेल करते हैं। उनको सबक सिखाना है।
सबक सिखाने का वक्त आ गया:अखिलेश यादव
वाराणसी में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन अखिलेश यादव ने जनता से खुद से उठकर ऐसे निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने की बात कही। 7 मार्च की वोटिंग वो इतिहास बनेगा। उन्होंने कहा, जो लोग धर्म के नाम पर आपको बांट रहे हैं। उन्हें सबक सिखाने का वक्त आ गया है।
सातवां द्वार जो तोड़ेगा वही सत्ता सुख भोगेगा
यूपी की 18वीं विधानसभा के चुनावी चक्रव्यूह का सातवां द्वार जो भी तोड़ेगा वही सत्ता सुख भोगेगा। इस चक्रव्यूह को भेदने के लिए एक तरफ पीएम मोदी समेत भाजपा के सभी दिग्गज जुटे तो मुकाबले में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव व कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी काशी नगरी में डेरा डाला। बसपा का दावा है आखिरी चरण हाथी को बढ़त दिलाएगा। आखिरी चरण का चुनाव धार्मिक ध्रुवीकरण से ज्यादा जातीयता की बिसात पर खेला गया। जातीय क्षत्रपों अपना दल, निषाद पार्टी, सुभासपा की तगड़ी परीक्षा है।