
Bahubali candidates अपराध व राजनीति का चोली दामन का साथ है। कई अपराधियों ने अपने बाहुबल के दम पर सत्ता हथियाई है तो तमाम बाहुबलियों ने जेल में रहते हुए चुनाव चीत कर अपने प्रभाव व दबदबा बनया है। अपराधियों को राजनीतिक पार्टियों द्वारा वोट देने जनता में नाराजगी से बचने के लिए बड़ी पार्टिया बाहुबलियों को टिकट देने से बच रही हैं। इसके बावजूद भी पूर्वांचल बाहुलबलियों की रणभूमि बना हुआ है। जेल में बंद विजय मिश्रा, रंजीत सिंह हत्याकांड में आरोपी धनंजय सिंह सहित का चुनाव लड़ना लगभग तय हो गया है। मऊ विधानसभा सीट से मुख्तार के बड़े बेटे अब्बास का चुनाव लड़ना तय हो गया है अब्बास ने नामांकन भी कर दिया है।
जेल से दावेदारी ठोकेंगे विजय मिश्रा
आगरा सेंट्रल जेल में बंद विजय मिश्रा भदोही की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ेगे। इनके नामांकन को लेकर बेटी रीमा सहित परिवार के सदस्य सक्रिय हैं। सोमवार को रीमा प्रस्तावकों सहित नामांकन फॉर्म पर साइन कराने आगरा सेंट्रल जेल पहुंची थीं। जहां, पर नामांकन के लिए दस्तावेज तैयार किए गए। बीते दिनों विजय मिश्रा ने नामांकन करने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी थी जिसके बाद कोर्ट ने निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए आवेदन करने की अनुमति दे दी थी। दिसके बाद से विजय मिश्रा का चुनाव लड़ना तय है। बाहुबली विधायक विजय मिश्रा को हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया है अब यह विधानसभा चुनाव में जेल से अपने वर्चस्व को कायम रखने का प्रयास करेंगे।
मुख्तार ने बेटे को उतारा मैदान में
उत्तर प्रदेश के बाहुबली राजनेता मुख्तार अंसारी ने चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है। हालांकि कि मुख्तार अंसारी ने अपनी सीट का दावेदार बड़े बेटे अब्बास अंसारी को बनाया है। मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे अब्बास अंसारी को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। जिसके बाद अब्बास अंसारी ने मऊ सदर विधानसभा सीट से नामांकन कर दिया हैं। अब्बास अंसारी के लिए यह सुरक्षित सीट मानी जा रही है। मऊ सदर विधानसभा पार मुख्तार अंसारी का प्रभाव रहा है और इसे अंसारी परिवार का गढ़ माना जाता है। इस सीट पर 1996 से 2017 तक मुख्तार अंसारी कब्जा रहा है।
एसटीएफ की जांच रिपोर्ट में हटाई गई गैर जमानती धारा है
अजीत सिंह हत्याकांड की साजिश में आरोपी बनाए गए बाहुबली व पूर्व सांसद धनंजय सिंह का चुनाव लड़ने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। एसटीएफ ने अपनी जांच रिपोर्ट में धनंजय सिंह के खिलाफ गैर जमानती धाराओं को हटा दिया है। जिसके बाद अब धनंजय सिंह जदयू के टिकट से विधानसभा चुनाव लड़ेगे। अभी तक धनंजय सिंह के चुनाव लड़ने पर संशय बना हुआ था। बीते दिनों लखनऊ पुलिस ने धनंजय सिंह के ऊपर इनाम घोषित किया था जिसके वह चुनाव नहीं लड़ सकते थे ।बीते दिनों धनंजय सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए सेशन कोर्ट में समर्पण की याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एसटीएफ से जांच रिपोर्ट मांगी थी एसडीएम ने जो जांच रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेशे की है।