
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पहले चरण की वोटिंग के बीच राष्ट्रीय लोकदल के चीफ जयंत चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह वोट नहीं डालेंगे। इसका कारण उनके रैलियों में व्यस्तता को बताया गया है। चौधरी ने कहा है कि वह रैलियों में व्यस्त हैं इसलिए वोट डालने मथुरा नहीं जा पाएंगे। दरअसल, गुरुवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ बिजनौर में चुनाव प्रचार का कार्यक्रम है। लिहाजा वह बिजनौर में गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने वहीं जाएंगे। इस बीच जयंत चौधरी ने लोगों से भारी संख्या में वोट डालने की अपील की है। उधर, चौधरी के इस फैसले पर बीजेपी ने कटाक्ष किया है। बीजेपी का कहना है कि जयंत चौधरी का वोट न डालना निराशजनक है। उन्होंने अपनी हार स्वीकार कर ली है।
दरअसल, जयंत चौधरी ने गुरुवार को लोगों से अपील की है कि वोट डालने जरूर जाएं। आज लोकतंत्र के उत्सव का दिन है। उन्होंने सभी से अपील की है कि घर से बाहर निकलें और अपने हित की सरकार चुनें। जयंत चौधरी ने कहा कि पहले और दूसरे चरण के मतदान के बीच समय बहुत कम है। मेरी पार्टी गठबंधन को लेकर प्रतिबद्धता में है। यही वजह है कि मैं वोट डालने नहीं जा पा रहा हूं क्योंकि पार्टी प्रत्याशी के लिए वोट मांगना जरूरी है। बता दें कि बिजनौर में दूसरे चरण में 14 फरवरी को मतदान है।
बीजेपी ने किया कटाक्ष
जयंत चौधरी के मतदान न करने पर बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी जो कहते हैं, उस पर अमल नहीं करते। वे जनता से तो वोट की अपील कर रहे हैं, लेकिन खुद वोट डालने से ज्यादा चुनाव प्रचार को महत्वपूर्ण मानते हैं। जयंत चौधरी को पता लग गया है कि गठबंधन की हार सुनिश्चित है। बीजेपी की प्रचंड लहर के संकेत पहले चरण के मतदान के बाद दिख जाएगा।