चुनाव

यूपी के दो ‘बाहुबली’ भाई विधानसभा चुनाव 2022 में आजमाएंगे किस्मत

इसौली विधानसभा सीट से तीन बार विधायक और सांसद मेनका गांधी के खिलाफ बसपा प्रत्याशी के तौर पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुके चंद्रभान सिंह सोनू की सुल्तानपुर में तूती बोलती है। वह और उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में दो ऐसे नाम हैं, जिनकी रसूख बराबर कायम है।
2 min read
• •
Updated: 17 Dec 2021, 3:19 PM IST
UP Vidhansabha Assembly Election 2022 Sultanpur
UP Vidhansabha Assembly Election 2022 Sultanpur

सुल्तानपुर. इसौली विधानसभा सीट से तीन बार विधायक और सांसद मेनका गांधी के खिलाफ बसपा प्रत्याशी के तौर पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुके चंद्रभान सिंह सोनू की सुल्तानपुर में तूती बोलती है। वह और उनके भाई यशभद्र सिंह 'मोनू' उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में दो ऐसे नाम हैं, जिनकी रसूख बराबर कायम है। जिले में कोई भी अपराध हो, इनका नाम आना तय है। यूपी विधानसभा चुनाव में इन दोनों भाइयों के मैदान में उतरने की तैयारी है। यशभद्र सिंह उर्फ ‘मोनू’ की 2022 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर इसौली सीट से लड़ने की तैयारी है। उन्होंने बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जी से मिलकर मुलाकात की है। जहां मायावती ने टिकट देने का पूर्ण आश्वासन दिया हैं। वहीं मोनू के बड़े भाई चंद्रभद्र सिंह ‘सोनू’ किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे इसका सस्पेंस बरकरार है।

सपा से रहेगी टक्कर

बाहुबली पूर्व विधायक यशभद्र सिंह मोनू ने कहा कि जिला पंचायत चुनाव के दौरान बीजेपी से टिकट मांगा था, लेकिन किसी कारण वश टिकट नहीं मिल पाया था। सुल्तानपुर सदर सीट से बड़े भाई चंद्रभन सिंह सोनू चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि उनकी टक्कर समाजवादी पार्टी से रहेगी।

सुल्तानपुर की सदर और इसौली सीट पर नजर

बता दें कि यशभद्र सिंह उर्फ मोनू 19 मुकदमों में आरोपी है। लेकिन दोनों भाइयों की हनक इलाके में देखने को मिलती है। रसूख के साथ ही इनके शौक भी निराले हैं। दोनों भाइयों के पास कुल 9 गाड़ियां हैं। सुलतानपुर जिले में सोनू-मोनू के विरोधी भले ही हों, लेकिन बाहुबल के पैमाने पर कोई उनसे सीधे टकराने की स्थिति में नहीं है। सुलतानपुर जिले में पांच विधानसभा सीटें हैं, लेकिन सबकी नजर सबसे चर्चित इसौली सीट और सुलतानपुर सदर पर है।

Updated on:
17 Dec 2021, 3:19 PM IST
Published on: