हड़ताल पर रहे लेखपालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है
लखनऊ. अपनी मांगो को लेकर 3 जुलाई से हड़ताल पर रहे लेखपालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है। इसके अलावा लेखपालों का तबादला, उन्हें दी जाने वाली सजा, निलंबन और बर्खास्तगी को भी खत्म करने का फैसला किया गया है। लेखपालों को हड़ताल अवधि का वेतन भी दिया जाएगा। विशेष सचिव राजस्व किंजल सिंह ने राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव, सभी जिलों के डीएम को इस निर्णय की जानकारी दी है।
मांगें पूरी न होने पर किया था आंदोलन
अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर 3 जुलाई से कई लेखपाल हड़ताल पर चले गएे थे। इससे राजस्व विभाग और सरकार की पेंशन समेत छात्रवृत्ति समेत कई काम ठप्प रह गए। लेखपाल वेतन, प्रमोशन, लैपटॉप, पदनाम, भत्ता, प्रमोशन, स्मार्टफोन समेत कई मांगों को लेकर आंदेलन कर रहे थे। मांगें पूरी न होेने पर लेखपाल हड़ताल पर चले गए, जिसकी वजह से सरकार ने जिद पर अड़े लेखपालों पर कार्यवाही भी शुरू की थी। इसके अलावा लेखपाल लैपटाप और स्मार्टफोन की मांग पर भी अड़े रहे, जिसपर सरकार ने राजस्व परिषद को कार्यवाही करने का निर्देश दिया था। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लेखपालों को लैपटाप देने के प्रस्ताव पर मंजूरी दे दी है।
लैपटॉप और स्मार्टफोन की व्यवस्था
अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने बताया कि जेम-पोर्टल के जरिये राजस्व परिषद ने लेखपालों के लिए लैपटाप खरीदना शुरू कर दिया है। जल्द ही लेखपालों को लैपटॉप बांटा जाएगा। इसी तरह लेखपालों को स्मार्टफोन देने के लिए बजट की व्यवस्था की जा रही है। व्यवस्था पूरी होते ही स्मार्टफोन बांट दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने राजस्व लेखपालों को हर आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 5 रुपये भुगतान करने का फैसला किया है। यह रकम रासज्व परिषद को मिलती है, जिसके लिए शासन ने राजस्व परिषद को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
लेखपालों ने उठाए थे ये मुद्दे