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शहर से बाहर की जाएंगी मटन और मछली की दुकानें

शहर में जहां-तहां संचालित मटन और मछली की दुकानें अब शहर में नहीं रहेंगी। इन दुकानों से लोगों को होने वाली परेशानी से निजात मिलने जा रही है। इन सभी को शहर से बाहर एक ही जगह स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय महापौर परिषद (एमआईसी) की सोमवार को महापौर प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में हुई […]

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रतलाम

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Kamal Singh

Jan 20, 2026

शहर में जहां-तहां संचालित मटन और मछली की दुकानें अब शहर में नहीं रहेंगी। इन दुकानों से लोगों को होने वाली परेशानी से निजात मिलने जा रही है। इन सभी को शहर से बाहर एक ही जगह स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय महापौर परिषद (एमआईसी) की सोमवार को महापौर प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में किया गया। बैठक में इसके अलावा भी कई अन्य निर्णय किए गए। मटन और मछली की दुकानें शहर से बाहर होती है तो शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। जो लोग इन्हें पसंद नहीं करते हैं वे इस निर्णय से खुश हैं।


रतलाम. पिछले माह हुई मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक के बाद सोमवार को फिर से महापौर पटेल की अध्यक्षता में हुई एमआईसी की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना अन्र्तगत मुखर्जी नगर में निर्मित 94 एमआईजी, डोसीगांव में डीपीआर 1 में निर्मित 95 तथा डोसीगांव में डीपीआर 2 में निर्मित 141 एलआईजी फ्लेट अब किराए पर दिए जाएंगे। इसमें किराए के साथ ही जीएसटी भी किराएदार को देनी होगी। इन फ्लेट को बेचने के लिए निगम 6-6 बार प्रयास कर चुका है किंतु कोई खरीदने को तैयार नहीं है। अब इन्हें किराए पर देने व निविदा आमंत्रित करने की महापौर परिषद ने स्वीकृति प्रदान की। इसके तहत एमआईजी फ्लेट के लिए प्रतिमाह 10000 रुपए व 18 प्रतिशत जीएसटी तथा एलआईजी फ्लेट के लिए प्रतिमाह 8000 रुपए किराया व 18 प्रतिशत जीएसटी निर्धारित किया गया है। साथ ही एमआईसी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के एएचपी घटक अन्र्तगत डीपीआर-3 बंजली निर्मित एलआईजी फ्लेट का प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर 9 आवेदकों को एलआईजी फ्लेट का अस्थाई आवंटन किये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान दी।

https://www.patrika.com/dhar-news/mp-news-bjp-mla-attacked-admitted-to-hospital-20274761

नल कनेक्शन वैध कराने पर पैनल्टी

अवैध नल कनेक्शनों पर कार्रवाई के तहत एक माह की समयावधि में अवैध नल कनेक्शनधारी व्यक्ति अपना नल कनेक्शन को अनिवार्य रूप से निर्धारित राशि 3,500 रुपए जमा कर वैध करवा सकते हैं। समयावधि के बाद अवैध नल कनेक्शनधारी से 10,000 रुपए पेनल्टी व वैध करने का शुल्क 3,500 रुपए वसूल किया जाएगा। नगर निगम को अब तक शहर में दो हजार से ज्यादा अवैध नल कनेक्शन मिल चुके हैं। इनमें से लगभग सभी को वैध किया जा चुका है। इससे नगर निगम को दो करोड़ से ज्यादा रुपए की आय हो चुकी है। नगर निगम का प्रयास है कि शहर में कोई भी नल कनेक्श‍न अवैध नहीं रहे और हर एक जल उपभोक्ता नगर निगम में इसकी विधिवत राशि जमा करवाकर लाभ लें।

बस स्टैंड पर अब वाहनों पर शुल्क

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी बस स्टेंड पर ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा एवं मैजिक वाहनों प्रति फेरा 5 रुपए वाहन शुल्क लेने की भी स्वीकृति भी एमआईसी ने दी। अब तक शहर के बस स्टैंड पर पहुंचने वाले मैजिक, ईरिक्शा, ऑटो रिक्शा पर किसी तरह का शुल्क नहीं लगता था। ऐसे में बस स्टैंड पर बसों के आने के समय बड़ी संख्या में आटो रिक्शा और ईरिक्शा पहुंच जाते रहे हैं। इससे यात्रियों को पैदल चलने में भी परेशानी झेलनी पड़ती है। यूं कहे कि इनका जमघट लग जाता है। बैठक में महापौर प्रहलाद पटेल के अलावा एमआईसी सदस्य भगतसिंह भदौरिया, पप्पू पुरोहित, अनिता कटारा, दिलीप गांधी, धर्मेन्द्र व्यास, अक्षय संघवी, मनोहर लाल राजू सोनी, रामू डाबी, सपना त्रिपाठी, निगम आयुक्त अनिल भाना, उपायुक्त करूणेश दंडोतिया, सहायक यंत्री सुहास पंडित, स्वच्छता अधिकारी राजेन्द्रसिंह पवार, उपयंत्री राजेष पाटीदार, ब्रजेश कुशवाह, निगम सचिव राजेन्द्र शर्मा के अलावा राजेन्द्र पुरोहित आदि उपस्थित थे।