संसाधन बढ़ाने के लिए सहयोग
फिलिप मॉरिस इंटरनेशनल के कल्सटर हेड, साउथ एशिया अंकुर मोदी ने बताया कि युवा मैनेजर्स आमतौर से यह दिखाना पसंद करते हैं कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से क्या करके दिखाया है। जैसे-जैसे उनका विकास होता चला जाता है, तो उन पर जिम्मेदारियां बढ़ती चली जाती हैं, और व्यक्तिवाद उनके विकास में बाधक बन जाता है। ज्यादातर पदों के लिए संसाधन अक्सर महत्वाकांक्षा में कभी मेल नहीं खाते। परिणाम देने की टाईमलाईन उपलब्ध संसाधनों के कारण सीमित हो जाती है। जोखिमों और बाहरी अस्थिरता का प्रबंधन करने में अनुभव की कमी हो सकती है। इस स्थिति में सहयोग बहुत आवश्यक हो जाता है। इससे संसाधन और विशेषज्ञता इतने बढ़ जाते हैं, जिन्हें मापा नहीं जा सकता है।