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मॉडल दिशा सालियान केस फिर चर्चा में, वकील नीलेश ओझा बोले- ‘FIR के बाद इन्वेस्टिगेशन में तय होंगे आरोपी’, यूजर्स ने भी दी प्रतिक्रिया

Nilesh Ojha Statement: दिशा सालियान केस में वकील नीलेश ओझा ने FIR और जांच की प्रक्रिया को लेकर बड़ा दावा किया है। जानिए कोर्ट के आदेश और नामजद लोगों को लेकर उन्होंने क्या कहा।
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Updated: 3 Sep 2026, 12:31 PM IST
Disha Salian case
एक्ट्रेस और मॉडल दिशा सालियान केस फिर चर्चा में(सोर्स: x-@MumbaichaDon/IMDb)

Disha Salian Death Case: दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर, एक्ट्रेस और मॉडल दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दिशा के पिता सतीश सालियान की तरफ से पेश हुए वकील नीलेश ओझा ने कोर्ट के आदेश और FIR की प्रक्रिया को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सतीश सालियान का बयान रिकॉर्ड करने और उसके आधार पर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। वकील के मुताबिक, FIR के बाद होने वाली जांच में जिन लोगों के खिलाफ सबूत मिलेंगे, उन्हें आरोपी बनाया जाएगा।

FIR में कई नाम होने का दावा

नीलेश ओझा ने बताया कि FIR की प्रक्रिया और जांच को अलग-अलग समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, पहले सतीश सालियान का बयान रिकॉर्ड किया जाएगा और उसके आधार पर FIR दर्ज होगी। इसके बाद जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर आरोपियों को तय किया जाएगा।

वकील ने दावा किया कि याचिका में आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती, परमबीर सिंह, उद्धव ठाकरे और सचिन वाजे समेत कई लोगों के नाम आरोपी के तौर पर दर्ज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड और पहले की SIT से जुड़े कुछ सदस्यों के नाम का भी जिक्र है। हालांकि, वकील ने स्पष्ट किया कि किसी का नाम FIR या याचिका में होने का मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्ति जांच में दोषी पाया गया है। उनके मुताबिक, जांच के दौरान जिन लोगों के खिलाफ सबूत मिलेंगे, उन्हें आरोपी बनाया जाएगा और जिनके खिलाफ सबूत नहीं मिलेंगे, उनके खिलाफ ऐसा नहीं होगा।

'FIR के बाद इन्वेस्टिगेशन आएगा'

नीलेश ओझा ने FIR की प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि कोर्ट खुद किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित नहीं कर रहा है। पहले FIR दर्ज होगी और उसके बाद जांच होगी। उन्होंने कहा कि जांच में सबूत मिलने पर ही संबंधित लोगों को आरोपी बनाया जाएगा। उनका कहना था कि FIR तो रजिस्टर होगी और FIR के बाद इन्वेस्टिगेशन आता है।" उन्होंने इसी प्रक्रिया के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई होने की बात कही।

सोशल मीडिया पर भी दिखी अलग-अलग प्रतिक्रिया

वकील के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी दिशा सालियान केस को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने दावा किया कि किसी पार्टी में आत्महत्या करने और बिना कपड़ों के बिल्डिंग से कूदने जैसी घटनाएं सामान्य नहीं हो सकतीं और इसे रेप-मर्डर का मामला बताया। हालांकि, ये सोशल मीडिया यूजर की राय और दावा है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

एक अन्य यूजर ने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ज्यादातर अपराधी बीजेपी में हैं और सुप्रीम कोर्ट से मामले को रिकॉर्ड करने की मांग की। वहीं, एक तीसरे यूजर ने इस पूरे मामले को चुनाव से पहले उठाया गया मुद्दा बताते हुए इसकी आलोचना की।

सोशल मीडिया के दावों को जाने?

दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में सोशल मीडिया पर लंबे समय से कई तरह के दावे किए जाते रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से किए गए दावों को जांच या अदालत के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जा सकता। फिलहाल, वकील नीलेश ओझा के बयान में जोर FIR दर्ज होने के बाद होने वाली जांच और सबूतों के आधार पर आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया पर है।

Updated on:
3 Sep 2026, 12:31 PM IST
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