
Archana Gautam Recalls How Ravi Kishan: टीवी और रियलिटी जगत की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकीं अर्चना गौतम ने हाल ही में अपने संघर्ष के दिनों को याद किया और उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब उनके परिवार के लिए कॉलेज की फीस भरना तक मुश्किल था, लेकिन उसी दौर में मिली एक सलाह ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।
राजीव खंडेलवाल के शो 'तुम हो ना- घर की सुपरस्टार' में बातचीत में अर्चना गौतम ने अपने शुरुआती संघर्षों के बारे में खुलकर बात की और उन्होंने बताया कि मेरठ में पली-बढ़ी अर्चना के लिए मुंबई जैसे बड़े शहर में करियर बनाना आसान नहीं था। परिवार आर्थिक चुनौतियों से परेशान था और पढ़ाई जारी रखना भी बहुत मुश्किल हो रहा था। इतना ही नहीं, अर्चना ने बताया कि उनकी कॉलेज फीस 20 हजार रुपये थी, जिसे जुटाने के लिए उनकी मां को ओवरटाइम करना पड़ता था। परिवार की मदद के लिए उन्होंने कई छोटी-बड़ी नौकरियां कीं और सेल्स से जुड़ा काम सीखा। दरअसल, इतने मेहनत के बावजूद उन्हें मनचाही कामयाबी नहीं मिल रही थी और एक समय ऐसा आया जब अर्चना गौतम को वापस अपने घर मेरठ लौटना पड़ा।
दरअसल, उनके पिता ने अखबार में एक रियलिटी शो 'सेल्स का बाजीगर' के बारे में पढ़ा और उन्हें इसमें हिस्सा लेने की सलाह दी। इसके बाद, अर्चना ने शो के लिए ऑडिशन दिया और उनका चयन हो गया। इस शो में भोजपुरी एक्टर और सांसद रवि किशन जज के रूप में मौजूद थे। अर्चना के अनुसार, शो के दौरान रवि किशन ने उनकी पर्सनैलिटी और आत्मविश्वास को देखकर कहा कि वो एक्टिंग के लिए बनी हैं। यही बात उनके लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई। उन्होंने रवि किशन के सहयोग से मुंबई आने का फैसला किया।
इतना ही नहीं, अर्चना गौतम ने आगे बताया कि वो अपने पिता और भाई के साथ ट्रेन से मुंबई पहुंचीं और रवि किशन से मुलाकात की। उस समय उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि उन्हें किसी टीवी सीरियल में छोटा-सा रोल भी मिल जाए तो वो खुश होंगी, लेकिन रवि किशन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि अगर वो मेहनत जारी रखेंगी तो आगे बढ़ सकती हैं। आज अर्चना गौतम मनोरंजन जगत का जाना-पहचाना चेहरा हैं। उनका मानना है कि अगर उस समय रवि किशन ने उन्हें प्रोत्साहित नहीं किया होता, तो शायद उनका सफर कुछ और ही होता।