कमाल ने केवल 5 फिल्मों का ही निर्देशन किया लेकिन महल, पाकीजा, दायरा जैसी फिल्में बनाकर उन्होंने बॉलीवुड में अपने नाम का ऐसा सिक्का घुमाया जो हमेशा चलता रहा।
नई दिल्ली। फिल्म इंडस्ट्री में जब भी कमाल केडायरेक्टरों की बात आती है तो सबसे पहले नाम कमाल अमरोही (kamal amrohi) का आता है। वैसे तो कमाल ने केवल 5 फिल्मों का ही निर्देशन किया लेकिन महल, पाकीजा, दायरा जैसी फिल्में बनाकर उन्होंने बॉलीवुड में अपने नाम का ऐसा सिक्का घुमाया जो हमेशा चलता रहा। कमाल अमोरही(kamal amrohi) की आज बर्थ एनिवर्सरी है।
कमाल का जन्म 17 जनवरी 1918 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में हुआ था। मां-बाप ने नाम रखा सैयद आमिर हैदर कमाल। लेकिन बाद में उन्होंने अपने नाम को बदल दिया नया नाम था कमाल अमरोही। आज कमाल के जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा।
कमाल अमरोही के बारे में वैसे तो बहुत सारे किस्से हैं लेकिन मीना कुमारी से की प्रेम (Love story of Meena Kumari and Kamal Amrohi) कहानी सबसे फेसम है। दोनों की प्रेम कहानी एख अस्पताल में शुरू हुई थी। दरअसल, कमाल अमरोही ने फिल्म अनारकली के लिए मीना कुमारी को साइन किया था। हालांकि ये फिल्म पूरी नहीं हो पाई क्योंकि प्रोड्यूसर इस फिल्म का बजट कम रखना चाहते थे। इस दौरान एक हादसे में मीना कुमारी के चोट लग गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
कमाल अमरोही घायल मीना कुमारी को देखने पहली बार अस्पताल पहुंचे। तब मीना कुमारी की छोटी बहन ने उन्हें बताया कि आपा तो मौसम्बी का जूस नहीं पी रहीं हैं। लेकिन कमाल के सामने मीना कुमारी ने एक झटके में जूस पी लिया। कमाल हर हफ्ते मीना कुमारी को देखने मुंबई से पूना आने लगे।यहीं से दोनों के बीच नजदीकियां शुरू हुईं। दोनों ने रोजाना एक दूसरे को खत लिखने का फैसला लिया।
दोनो का पास आना मीना के पिता रास नहीं आ रहा था। जिसकी वजह खुद कमाल थे।कमाल पहले ही दो शादियां कर चुके थे और उनके तीन बच्चे भी थे। लेकिन मीना को उनसे मोहब्बत हो चुकी थी। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था।
मीना ने कमाल के साथ भाग कर शादी करने का प्लान बनाया।एक्सीडेंट के बाद मीना कुमारी अपनी बहन के साथ वॉर्डन रोड पर स्थित एक मसाज क्लिनिक पर अपने पिता के साथ रोज जातीं थीं। 14 फरवरी, 1952 को रोज की तरह पिता ने मीना को क्लिनिक छोड़ा और वो चले गए। उस दिन मौका भी था औऱ दस्तूर भी। मीना अपनी बहन के साथ सीधे कमाल के पास पहुंच गई। मामला पहले से सेट था, काजी भी तैयार थे। दोनों ने शादी कर ली। हालांकि शादी के 12 साल बाद यानी 1964 में मीना कुमारी और कमाल अमरोही अलग हो गए।