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‘इससे अच्छा संतान ही ना हो’, मुस्लिम फरमान से शादी के बाद मोनालिसा पर पूर्व मंत्री उषा ठाकुर का फूटा गुस्सा

Monalisa-Farman Khan Marriage Controversy: महाकुँभ की वायरल गर्ल मोनालिसा की फरमान खान के साथ शादी के बाद मुद्दा अभी भी गर्माया हुआ है। एमपी की पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने भी इस पर अपना बयान दिया।

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Apr 02, 2026
Monalisa-Farman Khan Marriage Controversy (सोर्स- एक्स)

Monalisa-Farman Khan Marriage Controversy: मध्य प्रदेश में महाकुंभ से चर्चा में आई वायरल गर्ल मोनालिसा और फरमान की शादी का मामला अब सिर्फ निजी जीवन का विषय नहीं रह गया है, बल्कि ये राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन चुका है। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता उषा ठाकुर के तीखे बयान के बाद इस मुद्दे ने पूरे प्रदेश में नई बहस छेड़ दी है। उनके बयान के समर्थन और विरोध में अलग-अलग वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं, जिससे मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया है। चलिए जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला।

मोनालिसा पर क्या बोल गईं उषा ठाकुर? (Monalisa-Farman Khan Marriage Controversy)

दरअसल, मोनालिसा और फरमान की शादी को लेकर दिए गए बयान में उषा ठाकुर ने इसे संस्कारों से जोड़ते हुए तीखी टिप्पणी की थी। इसके बाद राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया। खासतौर पर खरगोन क्षेत्र में कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए इसे पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बताया। वहीं विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करार दिया। उषा ठाकुर ने कहा- मोनालिसा जैसी बेटी होने से अच्छा है किसी को संतान हो ही ना।

मोनालिसा और फरमान की शादी की होगी जांच

स्थानीय लोगों ने क्या कहा? (Monalisa-Farman Khan Marriage Controversy)

स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार की इच्छा के विरुद्ध उठाया गया यह कदम कई सवाल खड़े करता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे साजिश और षड्यंत्र का परिणाम बताते हुए जांच की मांग भी की है। मोनालिसा द्वारा अपने रिश्ते की तुलना भगवान कृष्ण से किए जाने वाले कथित बयान पर भी सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।

बीजेपी की ओर से प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले में भाजपा की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि ये सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं बल्कि व्यापक सामाजिक चिंता का विषय बन चुका है। उनका तर्क है कि धर्मांतरण और पहचान छिपाकर रिश्ते बनाने जैसे मुद्दों पर पहले भी कानून बनाए गए हैं और ऐसे मामलों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने इस बयानबाजी को अनावश्यक राजनीतिकरण बताया है। उनका कहना है कि अगर किसी प्रकार की साजिश का संदेह है तो संबंधित एजेंसियों को जांच करनी चाहिए, लेकिन सार्वजनिक मंचों से ऐसे बयान देना उचित नहीं है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि बालिग व्यक्ति को अपनी पसंद से शादी करने का संवैधानिक अधिकार है।

प्रवीण तोगड़िया ने भी दिया बयान

इस विवाद में धार्मिक संगठनों और संत समाज की भी एंट्री हो गई है। हिंदू संगठनों से जुड़े नेता प्रवीण तोगड़िया ने इस घटना पर चिंता जताते हुए देशभर में बढ़ते ऐसे मामलों पर रोक लगाने की आवश्यकता बताई। वहीं महामंडलेश्वर अनिल आनंद ने इसे सुनियोजित साजिश करार देते हुए जांच की मांग की है।

उधर मुस्लिम स्कॉलर तौकीर निजामी ने इस पूरे मामले को प्रेम संबंध का विषय बताते हुए कहा कि इसे जबरन विवाद का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों ने सहमति से विवाह किया है तो इसे धार्मिक नजरिये से देखने की जरूरत नहीं है।

राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बना मुद्दा

कुल मिलाकर, मोनालिसा और फरमान की शादी अब सामाजिक चर्चा से निकलकर राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुकी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और तेज बहस का कारण बन सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां इस विवाद को किस दिशा में ले जाती हैं।

Published on:
02 Apr 2026 07:47 pm
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