
Mouni Roy Interview: एक्ट्रेस मौनी रॉय ने महिलाओं की सुरक्षा और लड़कों की परवरिश को लेकर अपनी बात रखी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने सड़क पर अपने साथ हुई एक कथित छेड़छाड़ की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि लड़कियों को हर समय सुरक्षित रहने की सीख देने के बजाय लड़कों को यह सिखाने की जरूरत है कि उन्हें महिलाओं के साथ किस तरह व्यवहार करना चाहिए।
मौनी ने कहा कि देश में अक्सर ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ की बात होती है, लेकिन अब लड़कों को भी सही शिक्षा और परवरिश देने पर ध्यान देना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने कहा, “बेटे को पढ़ाओ और समझ में नहीं आए तो थप्पड़ लगाकर पढ़ाओ।”
मौनी ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताते हुए कहा कि वह सड़क पर चल रही थीं, तभी एक व्यक्ति ने बाइक पर आते हुए उनके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि सड़क व्यस्त होने की वजह से उन्होंने बाइक को पकड़ लिया, जिससे वह व्यक्ति गिर गया।
एक्ट्रेस ने कहा कि इस तरह की घटनाएं डरावनी होती हैं और महिलाओं के लिए दुनिया को असुरक्षित बनाती हैं। उनके मुताबिक, सिर्फ लड़कियों को सावधान रहने की सलाह देने के बजाय पुरुषों को भी महिलाओं के साथ सही व्यवहार करने की शिक्षा मिलनी चाहिए।
मौनी ने कहा कि जब पुरुषों की बेटियां होती हैं तो वे अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन जरूरी है कि वही सोच लड़कों की परवरिश में भी दिखाई दे।
उन्होंने पुरुषों से जुड़े पूरे समाज के लिए सही शिक्षा और परवरिश की जरूरत पर जोर दिया। मौनी का कहना था कि किसी पुरुष को सिर्फ इसलिए खुद को कुछ भी करने का अधिकार नहीं समझना चाहिए क्योंकि वह पुरुष है। उनका संदेश यही था कि महिलाओं को सुरक्षित रहने की जिम्मेदारी देने के साथ-साथ लड़कों को भी यह सिखाया जाना चाहिए कि वे दूसरों के साथ किस तरह व्यवहार करें।
मौनी रॉय के बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने उनकी बात का समर्थन किया, जबकि कुछ ने उनके पहनावे और सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी को लेकर टिप्पणी की।
एक यूजर ने मौनी की बात पर आपत्ति जताते हुए उनके कपड़ों को लेकर टिप्पणी की। वहीं, दूसरे यूजर ने उनके विचारों से पूरी तरह सहमत होने की बात कही। एक अन्य यूजर ने ‘बेटी पढ़ाओ और कल्चर को बचाओ’ जैसी प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर इन प्रतिक्रियाओं के बीच मौनी का मूल मुद्दा लड़कों की परवरिश, महिलाओं की सुरक्षा और पुरुषों के व्यवहार को लेकर था।