फिल्म बजरंगी भाईजान को मध्यप्रदेश प्र हाईकोर्ट जबलपुर से मंगलवार को बड़ी राहत मिली है। जस्टिस राजेन्द्र मेनन की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने फिल्म में दर्शाए गए चित्र व गानों सहित टाईटल पर आपत्ति करने के मामले में कहा है कि उक्त सभी मामलों के लिए सेंसर बोर्ड का गठन किया गया है, यदि आवेदक को कोई आपत्ति है तो वह सेंसर बोर्ड के समक्ष दर्ज कराए। इस निर्देश के साथ युगलपीठ ने दायर याचिका खारिज कर दी।
फिल्म बजरंगी भाईजान को मध्यप्रदेश प्र हाईकोर्ट जबलपुर से मंगलवार को बड़ी राहत मिली है। जस्टिस राजेन्द्र मेनन की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने फिल्म में दर्शाए गए चित्र व गानों सहित टाईटल पर आपत्ति करने के मामले में कहा है कि उक्त सभी मामलों के लिए सेंसर बोर्ड का गठन किया गया है, यदि आवेदक को कोई आपत्ति है तो वह सेंसर बोर्ड के समक्ष दर्ज कराए। इस निर्देश के साथ युगलपीठ ने दायर याचिका खारिज कर दी। ज्ञात हो कि बजरंगी भाईजान फिल्म को हिन्दू धर्म भावना के विपरीत बताते हुए फिल्म के निर्देशक, निर्माता सहित अभिनेता को हिन्दू सेवा परिषद के अध्यक्ष अतुल जेसवानी की ओर से फिल्म के निर्देशक कबीर खान, निर्माता रॉकलाईन बेंकेटेश सहित अभिनेता सलमान खान को लीगल नोटिस भेजा गया था। जिमसें फिल्म बजरंगी भाईजान को हिन्दू धर्म के खिलाफ बताया गया था। जिसमें कहा गया था कि बजरंगी हिन्दू देवता हनुमानजी को कहा गया है, जिनके साथ भाईजान शब्द जोड़ा गया है, जो कि आपत्तिजनक है।
इतना ही नहीं उक्त मूवी के पोस्टर व सोशल मीडिया पर जारी प्रोमों में हिन्दू भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया गया है। इतना ही नहीं उक्त फिल्म में सलमान खान द्वारा गाए जा रहे गीत सेल्फी ली ली रे को भी आपत्ति जनक व हिन्दू भावनाओं के खिलाफ बताया गया है।
नोटिस में कहा गया था कि यदि फिल्म का टाईटल नहीं बदला गया और लगाई गई आपत्तियों में संशोधन किए बगैर रिलीज होती है तो उनका पक्षकार आगे की कानूनी कार्यवाही करने स्वतंत्र होगा। इसी आधार पर हाईकोर्ट में पर यह याचिका दायर की गई थी। लेकिन सुनवाई पश्चात न्यायालय ने उक्त निर्देश के याचिका खारिज कर दी।